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केजरीवाल ने मेहमानों को खिलाई 16000 रुपए वाली थाली, बिल आया सामने तो खुली पोल

Sat, 15 Apr 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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केजरीवाल की घर में हुई पार्टी का एक ऐसा बिल सामने आया है जिसने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। दिलचस्प बात ये है कि जो बिल सामने आया है उसमें एक थाली का दाम 12000 रुपए है।
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गौरतलब है कि यह पार्टी दिल्ली में आप सरकार बनने की पहली सालगिरह पर दी गई थी। यह पार्टी केजरीवाल के घर पर 12 फरवरी 2016 को आयोजित की गई थी।

जश्न में पार्टी के विधायक, मंत्री और समर्थक सभी शामिल हुए थे। इस पार्टी का एक बिल सामने आया है जिसमें पार्टी में परोसी गई तीस थालियों के लिए 12 हजार 20 रुपये प्रति थाली के हिसाब से 3 लाख 60 हजार 600 रुपये चार्ज किए गए हैं। 36 हजार 60 रुपये के सर्विस चार्ज समेत कुल बिल तकरीबन 4 लाख का बना है।

चुनिंदा मेहमानों पर खर्च‌ किए 11 लाख रुपये

- फोटो : अमर उजाला
सादगी की बात करने वाले मुख्यमंत्री के निवास पर कुछ चुनिंदा मेहमानों के भोज पर ही 11 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। भाजपा के अनुसार आप सरकार के एक साल पूरे होने पर 11 और 12 फरवरी 2016 को मुख्यमंत्री आवास पर एक जलसे का आयोजन किया गया था।

उस आयोजन के खान-पान की व्यवस्था पांच सितारा होटल के हाथों में थी। जलसे में करीब 50 लोगों को आमंत्रित किया गया था जिसके प्रति व्यक्ति प्लेट की कीमत लगभग 12,800 रुपये आई। इस पर कुल खर्च 6,23,605 रुपये आया।

इसी तरह 12 फरवरी 2016 को 30 और लोगों को आमंत्रित किया गया, लेकिन इस दिन एक प्लेट की कीमत 16000 रुपये से अधिक की आई। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में 80 लोगों के खाने का बिल 11 लाख रुपये से अधिक का आया।

18 महीनों का बिल एक करोड़

केजरीवाल की सादगी पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप के नेता पहले कहते थे कि वे तनख्वाह नहीं लेंगे, मकान नहीं लेंगे। लेकिन आज वे अपने रिश्तेदारों को, अपने करीबियों को गैरकानूनी तरीके से मोटे वेतन पर नियुक्त कर रहे हैं।

भाजपा का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके 6 कैबिनेट मंत्रियों के निवास और कार्यालय के चाय समोसे का 18 महीनों का बिल एक करोड़ रुपये से अधिक का आया था।

भाजपा ने कहा कि व्यक्तिगत मुकदमे में वकीलों के बिल का भुगतान सरकारी खजाने से करने की कोशिश हुई। फिर शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट आई कि असंवैधानिक तरीके से सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया गया।
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फूड बिल की फाइल पर मैंने मंजूरी से साफ मना कर दिया था

तथाकथित खाने का बिल एक साल पहले अधिकारियों ने मेरे पास भुगतान करने के लिए भेजा था, लेकिन मैंने उसे पास नहीं किया। वह फाइल पिछले छह महीने से तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग के कार्यालय में थी।

ऐसा लगता है कि एलजी के कार्यालय ने भाजपा के दबाव में अब जाकर इस फाइल को लीक किया है। जब से हमने एलान किया है कि एमसीडी चुनाव जीते तो दिल्ली में हाउस टैक्स माफ करेंगे तब से भाजपा बुरी तरह बौखलाई हुई है। -मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री दिल्ली
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