प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा पर कांग्रेस के हमले के बाद अब आम आदमी पार्टी ने भी निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा समाप्त हो गई है और अब हमें विचार करना चाहिए कि देश को इससे क्या हासिल हुआ।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि क्या देश के प्रधानमंत्री को यह शोभा देता है कि वह किसी एक व्यक्ति के बुलावे पर जाएं और उससे देश में निवेश के लिए याचना करें।
बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल ने मोदी के मेक इन इंडिया योजना पर सवाल खड़ा किया था। केजरीवाल ने आज फिर से इसे निशाना बनाते हुए चीन की तारीफ की और उससे सीख लेने का सुझाव दिया।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि चीनी लोगों ने पहले चीन का विकास किया इसके बाद दुनिया के बड़े-बड़े उधोग घरानों में चीन में निवेश के लिए होड़ लग गई।
PM Modi's US trip ends. Time to ponder what has country achieved from his foreign trips so far?(1/4)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 29, 2015
निवेशक हमें अपनी शर्तों को मानने को मजबूर करेंगे
केजरीवाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे लिखा कि अगर हम मजबूत भारत बना सकेंगे तो अपनी शर्तों पर निवशकों को आकर्षित कर सकेंगे जबकि, ऐसा न करने पर निवेशक हमें अपनी शर्तों पर चलने के लिए मजबूर करेंगे।
बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि विदेशों में जा कर गिड़गिड़ाने से देश में निवेश नहीं आएग।
इसके लिए हमें मेक इन इंडिया की जगह मेक इंडिया पर ध्यान देना चाहिए। यानि पहले देश के आधारभूत ढांचे के विकास पर निवेश करना चाहिए।
केजरीवाल ने कहा था कि भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन, संसाधनों की कमी के कारण उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अगर देश के लोगों पर निवेश किया जाए तो निवेशक खुद ही हमारे देश में निवेश करने के लिए लाइन लगाकर खड़े होंगे।
Does it suit the stature of an Indian PM to visit individual cos seeking investments?(2/4)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 29, 2015
पढ़िए केजरीवाल के ट्वीट
For instance, Chinese first built China and then all
corporate giants vied to invest in China. So, lets first Make
India(3/4)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September
29, 2015
If we make India strong, investments will come at our terms, else investors will dictate terms(4/4)— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 29, 2015