लोकसभा चुनाव के लिए वोट के साथ चंदा देने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 3 साल से दिल्ली में हमारी सरकार है। अगर हम चाहते तो हम भी रिश्वत लेकर करोड़ों रुपए कमा सकते थे। लेकिन अगर रिश्वत लेते तो लोगों को सस्ती बिजली नहीं दे पाते, घर घर तक मुफ्त पानी नहीं पहुंचता, स्कूलों में शिक्षा का स्तर नहीं सुधरता, अस्पताल में बदलाव नहीं कर पाते। हम वोट के साथ-साथ लोगों से पार्टी को चंदा देने की भी अपील कर रहे हैं। हमारी लोगों से अपील है की हमें चाहे 100 रुपये ही हर महीने चंदा दे दें, हम उसी में चुनाव लड़ लेंगे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ये भी कहा कि हम लोग मतदाताओं की इज्जत करते हैं। उन्हीं के लिए काम करते हैं और उन्हीं से चंदा मांग रहे हैं। इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ होगा कि एक मुख्यमंत्री लोगों के घर-घर जाकर 100-100 रुपए का चंदा मांग रहा है। मैं चाहता तो अडानी-अंबानी से करोड़ों रुपये का चंदा चंदा ले सकता था लेकिन फिर मैं केवल कुछ पूंजीपतियों का गुलाम बनकर रह जाता। जनता के हित के काम नहीं कर पाता। दिल्ली की जनता के लिए काम नहीं कर पाता। इसीलिए मैं जहां भी जा रहा हूं, सभी लोग बढ़-चढ़कर अपना आशीर्वाद दे रहे हैं और सभी लोगों ने चंदे के लिए फॉर्म भी भर रहे हैं।
इस कैंपेन की शुरुआत होने के बाद अब आम आदमी पार्टी के सभी नेता और हजारों कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए सड़कों और गलियों में नजर आने लगेंगे। इस अभियान में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सभी मंत्री, सभी सांसद,लोकसभा प्रभारी, सभी विधायक, सभी पार्षद,पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर वोट और चंदा मांगेंगे।
-लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी मेट्रो के किराये में जबरदस्त इजाफे और सीलिंग के मुद्दे को उठाएगी और जनता को ये भी बताया जाएगा कि इतने संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बीजेपी के सातों सांसद चुप रहें।
- आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हर व्यापारी के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि जब आप लोगों की दुकानें सील हो रहीं थी, आप लोगों की रोजी-रोटी छीनी जा रही थी तब भाजपा के सातों सांसद चुप्पी साधे रहे
-आम आदमी पार्टी ये भी बताएगी कि मेट्रो के किराये में इजाफा बीजेपी की साजिश थी और इस मुद्दे पर भी उनके दिल्ली के सातों सांसद चुप रहे
- आम आदमी पार्टी हजारों कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे कि किस तरह भाजपा के सातों सांसदों ने सिर्फ़ अपने एल.जी. के जरिए दिल्ली के कामों में अड़चन लगाए। मोहल्ला क्लीनिक रोके, सीसीटीवी रोका, हर जनहित के काम की फाइल अटकाई।