दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच छिड़ा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच तकरार बढ़ती ही जा रही है। दोनों के बीच ताजा विवाद डीईआरसी चेयरमैन कृष्णा सैनी की नियुक्ति को लेकर सामने आया है।
केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग व केंद्र की भाजपा की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार उपराज्यपाल के जरिए राजधानी में बिजली के दामों में वृद्धि करना चाह रही है। यही वजह है कि उपराज्यपाल डीईआरसी के ईमानदार अधिकारी व चेयरमैन कृष्णा सैनी की नियुक्ति को रद करने में तुले है।
सरकारी आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली में बिजली के दर बढ़ाने का षड्यंत्र रचा गया है। डीईआरसी के चेयरमैन कृष्णा सैनी को हटाने की कोशिश हो रही है। बिजली के दाम बढ़ाने का काम डीईआरसी करता है। लेकिन पिछले दो साल से सरकार ने डीईआरसी के जरिए बिजली का दर बढने नहीं दिया।
यही वजह है कि उपराज्यपाल सैनी को हटाना चाहते है। सैनी के चेयरमैन बनने के बाद से ही दिल्ली में बिजली का वितरण करने वाली अनिल अंबानी की कंपनियों को वे नहीं पसंद आ रहे है।
केजरीवाल ने बताया क्यों हटाए गए सुकेश
- फोटो : अमर उजाला
अनिल अंबानी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए सैनी को हटाकर बिजली दर बढ़ाना चाह रही है। सैनी ने पिछले आठ महीने में बिजली के दाम न बढ़ाने के साथ ही बिजली कटौती करने पर बिजली कंपनियों को हर्जाना देने का भी आदेश दिया है।
केजरीवाल ने बताया कि जब कृष्णा सैनी की नियुक्ति हुई थी तो हाइकोर्ट में मुकदमा चलने की वजह से दिल्ली सरकार ने नियुक्ति की जानकारी न्यायालय के साथ उपराज्यपाल को दी थी। उस समय उपराज्यपाल ने कोई आपत्ति नहीं जताई। लेकिन अब उपराज्यपाल सैनी को हटाना चाहते है।
इसलिए उन्होंने ऊर्जा सचिव सुकेश कुमार जैन को पहले कृष्णा सैनी को हटाने का आदेश जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने आदेश जारी नहीं किया तो उन्हें ऊर्जा सचिव के पद से हटा दिया गया। उपराज्यपाल ने उप सचिव के जरिए सैनी को हटाने का निर्देश दिया। जिसको दिल्ली की सरकार ने रद कर दिया है।
राष्ट्रपति को नहीं भेजा मामला
एलजी नजीब जंग
- फोटो : अमर उजाला
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संविधान में यह स्पष्ट तौर पर लिखा है कि जब मंत्री और उपराज्यपाल के बीच किसी विषय पर मतभेद हो तो मामला राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। लेकिन कृष्णा सैनी के मामले में उपराज्यपाल नजीब जंग ने ऐसा नहीं किया है। उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन की सलाह को दरकिनार करते हुए राष्ट्रपति को मामला भेजने से मना कर दिया।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
केजरीवाल ने उपराज्यपाल के उस फैसले पर भी निशाना साधा है जिसमें उन्होंने 22 में से 15 वकीलों की नियुक्ति को अवैध बता कर बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि दिल्ली कैबीनेट ने शुक्रवार को उपराज्यपाल के फैसले को रद्द कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि उपराज्यपाल वकीलों की सैलरी रोक रहे है और मोहल्ला क्लीनिक को रोक रहे। ऐसे कैसे चलेगा।
उपराज्यपाल कह रहे है कि केन्द्र के द्वारा नियुक्त वकील ही दिल्ली सरकार का केस लड़ेंगे। जब केन्द्र और दिल्ली सरकार के बीच विवाद चल रहा है तो केन्द्र कैसे दिल्ली सरकार के वकीलों को नियुक्त कर सकता है।