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'सबको आना होगा साथ' केजरीवाल की पहल विपक्षी एकता का सेमीफाइनल, संजय सिंह बोले- संविधान को नहीं मानते पीएम

Tue, 23 May 2023 06:25 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का अध्यादेश बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के लिखे संविधान और संघीय ढांचे को खत्म करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने की कार्रवाई है।
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संजय सिंह, आप सांसद - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी ने केंद्र की ओर से लाए गए अध्यादेश को लेकर प्रधानमंत्री और भाजपा पर जमकर हमला बोला। आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का अध्यादेश बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के लिखे संविधान और संघीय ढांचे को खत्म करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने की कार्रवाई है। उनके मुताबिक, मौजूदा वक्त में देश में तानाशाही चल रही है, जो तुगलकी फरमान से कोई भी आदेश पलट सकता है।

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केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने को लेकर की जा रही पहल को लेकर सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संजय सिहं मीडिया से बात कर रहे थे। इस मौके पर आप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक, दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी भी मौजूद थीं। संजय सिंह ने कहा कि अध्यादेश पर सवाल आप का नहीं, भारतीय लोकतंत्र और संघीय ढांचे का है। इसमें सभी पार्टियों को एकजुटता दिखानी होगी।


संजय सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बुधवार को शिवसेना (ठाकरे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और बृहस्पतिवार को एनसीपी राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात करेंगे, जबकि बीते शनिवार इसी मसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से बात की। संजय सिंह ने दावा किया कि केजरीवाल की पहल 2024 के लोकसभा चुनाव और विपक्षी एकता का भी सेमीफाइनल होगा। इसकी एक बड़ी अग्निपरीक्षा राज्यसभा में होगी, जब ये अध्यादेश एक बिल के रूप में आएगा।

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सभी विपक्षी दलों को साथ आना होगा
आतिशी ने कहा कि यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है और न तो यह सिर्फ दिल्ली का मुद्दा है। यह मुद्दा इस बात का है कि भाजपा जिन राज्यों में चुनाव हारती है, वो किसी न किसी तरह से उस राज्य की ताकत को खत्म करने की कोशिश करती है। चाहे वो विधायकों के खरीद-फरोख्त से हो, चाहे ईडी-सीबीआई छोड़ने से हो, चाहे उपराज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करके या फिर असंवैधानिक अध्यादेश लाकर हो, जो देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर देता हो।

 

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