दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बिजली असहयोग आंदोलन में साथ देने वाले उपभोक्ताओं पर मेहरबानी की तैयारी कर ली है।
ऊर्जा विभाग ने अक्तूबर, 2012 से दिसंबर, 2013 के बीच बिल लगातार नहीं भरने वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है।
यह भी पढ़ें:केजरीवाल राज में क्या अंधेरे में डूब जाएगी दिल्ली?
तीनों बिजली कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या करीब 46 हजार है जिनका बिल 13 करोड़ रुपये बनता है। सरकार इनका पचास फीसदी बिल माफ करके भविष्य के आंदोलन से भी जोड़ना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार ऊर्जा विभाग के तैयार नोट पर वित्त विभाग और कानून विभाग ने आपत्ति दर्ज करा दी है। क्योंकि बिल राशि का खर्च सरकार को उठाया पड़ेगा। इससे पूर्व 400 यूनिट तक नागरिकों को दी गई आधे बिल की सब्सिडी को भी विधानसभा से स्वीकृति नहीं मिली है। यह राशि 372 करोड़ रुपये है।
सब्सिडी की राशि स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को फाइल भेजी गई थी जिसे स्वीकृति मिल गई है। लेकिन 13-16 फरवरी के सत्र में इसे फाइनेंशियल बिल का पास कराने में कांग्रेस अगर साथ नहीं देती है तो सब्सिडी का मामला फंस जाएगा। क्योंकि फरवरी के अंतिम सप्ताह या फिर मार्च के पहले सप्ताह तक लोकसभा चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद यह स्वीकृति नहीं दी जा सकेगी।