राजधानी में आवारा कुत्तों के आतंक व उससे निपटने का कोई उपाय न होने के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, तीनों एमसीडी, एनडीएमसी व दिल्ली छावनी बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इस मामले को लेकर दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजधानी में हर 50 व्यक्तियों के पीछे एक आवारा कुत्ता है और कुत्तों के काटने की बीमारी पर प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का खर्च आ रहा है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ ने सभी पक्षों को 13 मई तक यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों की जनसंख्या को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।
इसके अलावा आवारा कुत्तों को पकड़ने की क्या नीति है। खंडपीठ ने यह निर्देश न्याय भूमि नामक संगठन के अध्यक्ष बीबी शरण द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।