आम आदमी पार्टी के पूर्ण राज्य की मांग को प्रदेश कांग्रेस ने बेमानी नारा बताया है। उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र के सीमापुरी में प्रचार के दौरान शीला दीक्षित ने कहा कि नामी-गिरामी व्यक्तित्व पर आधारहीन व्यक्तिगत आरोप लगाना बुनियादी बातों की ओर से जनता का ध्यान भटकाना है। पूर्ण राज्य की मांग करना गैर संवैधानिक व जनता को दिग्भ्रमित करने वाला है।
दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग करना देश के संविधान के विरुद्ध मांग करना है। उसके लिए भारत के संविधान में संशोधन आवश्यक है। इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ती है। केजरीवाल चंद लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करके दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के नाम पर जनता से वोट मांग रहे हैं। कोई उनसे पूछे संसद में उनके सांसदों ने कितनी बार पूर्ण राज्य की मांग की। यह अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास मात्र है। पूर्ण राज्य तो बहाना है असली मकसद अपनी तुच्छ इच्छाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए असीमित अधिकार प्राप्त करना है।
शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री से पूछे सवाल
. दिल्ली स्वच्छ वातावरण में सांस तक नहीं ले पा रही है। इस बर्बादी के लिए कौन जिम्मेवार है।
. शिक्षा का स्तर गिर रहा है और शिक्षक नौकरी के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। यह किसकी जिम्मेवारी है।
. हमारी खूबसूरत दिल्ली कूड़ों के ढेर में परिवर्तित हो चुकी हैं, किसकी गैरजिम्मेदारी है।
. सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है, यह किसकी नाकामी है।
. दिल्ली की सीवर व्यवस्था दम तोड़ रही है और सफाई कर्मचारी अपनी जानें गवां रहे हैं मगर शासन प्रशासन मौन क्यों हैं।
. केजरीवाल सरकार ने सीलिंग से मुक्ति के लिए क्या योजनाएं बनाई।