प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका यात्रा को लेकर भले ही देश और दुनिया में चर्चा में बने हुए हैं, लेकिन देश में उनके नाम पर विवाद जारी है।
शुक्रवार को दिल्ली में श्री रामलीला कमेटी के संरक्षक पद से बीजेपी नेता जेपी अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया, क्योंकि वह मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए जाने से नाराज थे।
अभी कांग्रेस का गुस्सा दूर भी नहीं हुआ था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक ट्वीट से नया विवाद खड़ा कर दिया है। मोदी के मेक इन इंडिया के नारे के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि हम सब को पहले मेक इंडिया पर ध्यान देना चाहिए।
केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि जब मेक इंडिया शुरु हो जाएगा तो पूरी दुनिया में मेक इन इंडिया का काम अपने आप ही शुरु हो जाएगा। रविवार को उन्होंने ट्वीट किया कि उनके जानने वाले पूछ रहे हैं कि मेक इंडिया का क्या मतलब है।
केजरीवाल ने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, जल, सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और न्याय व्यस्था में निवेश ही वास्तव में मेक इंडिया है।
Simple but imp point - Lets all first "Make India". And the world will automatically start "Making in India"— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 26, 2015
गिड़गिड़ाने से नहीं होगा देश में निवेश
मीडिया को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश में अगर मूलभूत सुविधाओं को सुधार दिया जाए तो दुनिया के लोग खुद ही भारत में निवेश के लिए दौड़े हुए आएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के लोग बहुत अच्छे और प्रतिभावन हैं और अगर उनमें निवेश किया जाए और पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं तो वह देश को बहुत बेहतर बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे पर टिप्पणी करते हुए केजरीवाल का कहना था कि अगर हम देश में उचित निवेश करेंगे तो हमें दूसरे देशों में घूम-घूम कर निवेशकों के सामने गिड़गिड़ाना नहीं पड़ेगा कि हमारे देश में आइए और निवेश करिए। केजरीवाल ने कहा मुझे नहीं लगता कि इससे कोई भी देश में निवेश के लिए तैयार होगा।
'Make India' is 2 invest in Health,Edu, Water, Safety, Justice n infra. People are our best asset. Invest in them n world will follow us(2/2— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 27, 2015
क्या है बीजेपी का जवाब
मोदी के विदेश दौरे पर टिप्पणी करने के बाद उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली नीति में बदलाव जनता के हित में लिया गया ऐसा ही फैसला है जिससे मेक इंडिया की दिशा में उठाया गया कदम कहा जा सकता है।
सीएम ने दिल्ली सरकार की बड़ाई करते हुए कहा कि इमानदार सरकार के आगे उर्जा क्षेत्र की सारी शंकाएं दूर हो गई हैं। हालांकि केजरीवाल के इस हमले पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि केजरीवाल जी को मेक इंडिया नहीं दिल्ली में काम करने का जनमत मिला है इसलिए उन्हें मेक दिल्ली के लिए काम करना चाहिए।
उधर दिल्ली से बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी का कहना है कि केजरीवाल जी मेक इंडिया क्या करेंगे जब वह दिल्ली वालों को पीने का पानी नहीं दे पा रहे हैं और डेंगू जैसी बीमारी से नहीं लड़ पा रहे हैं।
Pro-people power policy of AAP govt is a step towards Make India. All doubts on power front have evaporated in front of honest governance— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 27, 2015