दिल्ली जल बोर्ड समस्त लोगों को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराने और पानी की बर्बादी रोकने में तो पहले ही विफल है, अब वह लोगों की शिकायतें दूर करने में भी नाकाम हो गया है। इसके चलते उसने अपने राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल करना पड़ा। बोर्ड ने शुक्रवार को अपने 22 क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों का स्थानांतरण किया।
सूत्र बताते हैं कि क्षेत्रीय राजस्व कार्यालयों में उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पास निरंतर शिकायतें पहुंच रही थीं। उनके निर्देश पर ही जल बोर्ड ने क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को बड़े स्तर पर तबादला करना पड़ा।
दूसरी ओर, जल बोर्ड ने अपने सभी क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को एक निर्धारित समय-सीमा में सुलझाया जाए। सेवा वितरण और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के विषय में किसी भी प्रकार की कमी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि बोर्ड अन्य विभागों में भी अगले दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों का भी तबादला करेगा। विशेषकर उन अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाया जाएगा जो कई वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं।