दिल्ली सरकार ने जनता को सब्सिडी देने के साथ-साथ अपना खजाना बचाने का फार्मूला भी निकाला है। सरकार ने फैसला किया है कि जनता को सब्सिडी के बदले जिस राशि की मांग कंपनी करेगी, उतनी राशि दिल्ली सरकार की कंपनी ट्रांसको लिमिटेड की बकाया राशि से घटा दी जाएगी। ट्रांसको के करीब 5 हजार करोड़ रुपये इन बिजली वितरण कंपनियों के पास बकाया है।
बिजली मंत्री सत्येन्द्र जैन ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बिजली सब्सिडी से सरकार का सालाना 1427 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। बिजली वितरण कंपनियों के पास करीब 5 हजार करोड़ रुपये दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के बकाया हैं।
दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग की तरफ से ढेरों पत्राचार के बावजूद ये कंपनियां बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रही हैं। अब सब्सिडी राशि सरकार भी इन्हें नहीं देगी। जो पैसे बकाया है और अगले तीन साल में ट्रांसमिशन के कारण बनेंगे, उससे चार साल की सब्सिडी बिना सरकारी खजाना खाली किए जनता को दी जा सकेगी।