दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घर-घर राशन योजना के बारे में जानकारी दी, जिससे अब लोगों के घरों तक राशन की डिलीवरी होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' के खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है।
केजरीवाल ने कहा कि, व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात है, क्योंकि राजनीति में आने से पहले मैं और मनीष सिसोदिया जी परिवर्तन नाम की संस्था चलाया करते थे। दिल्ली की झुग्गी बस्तियों के अंदर गरीब लोगों के साथ और उनके हक के लिए काम किया करते थे।
जब उनको राशन नहीं मिलता था तो उनको राशन दिलाने के लिए काम करते थे। सूचना का अधिकार कानून का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हमने लोगों को राशन दिलवाने में किया। उन दिनों में लोगों का राशन चोरी हो जाया करता था और पूरा राशन नहीं मिलता था। सरकारी कागजात में तो एंट्री हो जाती थी कि हमने सबको राशन दे दिया और सब के फर्जी अंगूठे भी लग जाते थे।
गरीबों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
वह आगे बोले कि, जिस तरह हमने डोर स्टेप डिलीवरी ऑफर सर्विस किया था इसी तरह से गवर्नेंस के क्षेत्र में डोर स्टेप डिलीवरी ऑपरेशन बहुत बड़ा कदम होगा। इस योजना के लागू होने पर गरीब लोगों के घर राशन भिजवाया जाएगा, उन्हें राशन की दुकान पर नहीं आना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, यह बहुत ही क्रांतिकारी कदम है। वर्षों से हमारा सपना था कि गरीब को इज्जत से राशन मिले, आज वो सपना पूरा हुआ।
कैसे पहुंचेगा घर-घर तक सामान
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि, एफसीआई के गोदाम से गेहूं लेकर उसकी पिसाई व पैकेजिंग करवाई जाएगी। चावल और चीनी आदि सामानों की भी पैकिंग होगी।इसके बाद इसे लोगों के घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
लोगों के पास होगा होम डिलीवरी या दुकान से खरीदने का विकल्प
वह आगे बोले कि, लोगों को यह विकल्प दिया जाएगा कि जो दुकान पर जाकर राशन लेना चाहते हैं या घर पर। वह होम डिलीवरी या दुकान से खरीदने का विकल्प ले सकते हैं। सरकार की योजना है कि अगले छह से सात महीने में राशन की होम डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है।
कैसे काम करेगी यह योजना
केजरीवाल ने बताया कि यह योजना घर-घर राशन पहुंचाने की है। इसमें सरकारी राशन की दुकानों से राशन ले जाने के पात्र लोगों को टोल फ्री नंबर दिया जाएगा। उस पर फोन करके वह अपना आर्डर प्लेस करेंगे। तय समय में उनके पास राशन पहुंचवा दिया जाएगा।
सात महीने में शुरू हो जाएगी यह योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार की यह योजना अगले सात महीने में शुरू हो जाएगी और इससे गरीबों को इज्जत से जीने का अधिकार मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 के अंदर ही यह योजना शुरू हो जाएगी। यानी अगले साल मार्च से पहले यह योजना कभी भी शुरू हो सकती है।