हालांकि सीबीआई चीफ ने केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई करने के लिए अदालत राजी हो गई है। केजरीवाल से पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण भी ऐसी ही संभावना व्यक्त कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, 'सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि सीबीआई निदेशक का कार्यकाल दो साल का होगा और सिर्फ चयन कमेटी ही उन्हें हटा सकती है। मैं शुक्रवार को एक याचिका दायर करूंगा।'
उन्होंने ये भी कहा कि, राफेल डील की जांच सीबीआई न कर सके, इसलिए शायद आलोक वर्मा को हटाया गया। हमने, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सीबीआई निदेशक से राफेल डील की जांच की मांग की थी। आलोक वर्मा ने राफेल डील से संबंधित फाइलें सरकार से मांगी थीं।
आगे प्रशांत भूषण ने कहा कि नागेश्वर राव के खिलाफ भी गंभीर आरोप हैं और आलोक वर्मा ने कुछ महीने पहले उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।