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Kejriwal Arrest : अदालत में केजरीवाल का सवाल- ईडी अपना मुखौटा हटाकर बताए वह किसका प्रतिनिधित्व कर रही है...

Sat, 23 Mar 2024 01:35 AM IST
अनुज कुमार विजय सिंघल, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ईडी को अपना मुखौटा हटाना चाहिए और बताए कि आखिर वह किस का प्रतिनिधित्व कर रही है।
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राउज एवेन्यू कोर्ट में केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पक्षपात और आबकारी नीति मामले में अपनी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ईडी को अपना मुखौटा हटाना चाहिए और बताए कि आखिर वह किस का प्रतिनिधित्व कर रही है।

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ईडी की ओर से रिमांड की मांग का विरोध करते हुए केजरीवाल ने कहा कि एजेंसी को लोकसभा चुनाव से पहले ही उन्हें क्यों गिरफ्तार करना पड़ा, जब उनके खिलाफ पर्याप्त सामग्री थी। केजरीवाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष तर्क रखा कि वे कहते हैं कि उनके पास मेरे खिलाफ सारी सामग्री थी तो फिर आचार संहिता लागू होने तक इंतजार क्यों किया? क्या आप इसका इंतजार कर रहे थे? एक राजनेता को चुनाव में भाग लेने का अधिकार है।

पहली बार किसी मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी : सिंधवी
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, पहली बार भारत में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी अधिक कठोर है, क्योंकि जमानत भी कड़ी है। इसलिए ईडी को यह साबित करना होगा कि केजरीवाल को गिरफ्तार करना जरूरी था। कथित धन के लेन-देन पर सिंघवी ने कहा कि इसमें शामिल होने के ठोस सबूत होने चाहिए। वहीं, ईडी ने केजरीवाल का रिमांड मांगते हुए कहा कि वह इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता हैं क्योंकि वह शराब नीति तैयार करने में सीधे तौर पर शामिल थे। इसके अलावा शराब नीति घोटाले के माध्यम से प्राप्त रिश्वत का इस्तेमाल आप ने गोवा विधानसभा चुनावों को निधि देने के लिए किया था।
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रिश्वत को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी नीति : ईडी
ईडी ने कहा, साजिश कुछ खामियों से उपजी है जो जानबूझकर छोड़ दी गई हैं या नीति में बनाई गई हैं। ये कथित तौर पर निविदा प्रक्रिया के बाद कुछ लाइसेंसधारियों और साजिशकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए थे। ईडी के वकील राजू ने कहा कि शराब नीति इस तरह से बनाई गई थी जिससे रिश्वत को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा हम आबकारी नीति की पृष्ठभूमि की बात करते हैं। विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था लेकिन यह एक फर्जी समिति थी। नीति इस तरह से बनाई गई थी कि यह रिश्वत लेने और रिश्वत देने वाले लोगों की वसूली को सक्षम करेगी I

उन्होंने आगे दावा किया कि केजरीवाल ने एहसान के बदले‘साउथ ग्रुप’ से रिश्वत की मांग की। एएसजी ने कहा कि रिश्वत के बदले साउथ ग्रुप ने दिल्ली में शराब कारोबार का नियंत्रण हासिल कर लिया। यह भी तर्क दिया गया कि केजरीवाल लगातार डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के संपर्क में थे। सिसोदिया और आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह इस मामले में पहले से ही जेल में हैं। 15 मार्च, 2024 को ईडी ने मामले में भारत राष्ट्र समिति के विधायक और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को भी गिरफ्तार किया था।

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