दिल्ली की एक कोर्ट की फटकार के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया व योगेंद्र यादव मानहानि मामले में पेश हुए। आरोपियों ने अर्जी पेश कर मंगलवार को पेशी से छूट मांगी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए पेश होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सुबह तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों की नजर में कानून का सम्मान नहीं है। आरोपियों को पेशी से छूट देने का कोई कारण नहीं है।
इसके बाद कड़कड़डूमा जिला अदालत की एमएम मयूरी सिंह के समक्ष अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया व योगेंद्र यादव ने पेश होकर हाजिरी लगाई। पेशी की छूट की अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी दोपहर बाद कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में भी केजरीवाल व यादव के बीच दूरी साफ दिख रही थी। उन्होंने केवल औपचारिक बातचीत की। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो मई को तय की है।
मामले की नियमित सुनवाई कर रहे एमएम मुनीश गर्ग अवकाश पर थे। इसलिए केस की सुनवाई लिंक एमएम मयूरी सिंह की कोर्ट में हुई। यहां पर तीनों आरोपी या उनकी ओर से हड़ताल के चलते कोई वकील पेश नहीं हुआ। केवल एक क्लर्क ने छूट के लिए कोर्ट में अर्जी पेश कर दी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के भीतर व बाहर भारी संख्या में वकील व समर्थक जमा थे। भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कोर्ट रूम का दरवाजा बंद करना पड़ा। आप नेताओं की ओर से दोपहर बाद अधिवक्ता राहुल मेहरा पेश हुए। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को हाजिरी लगाने के बाद जाने की अनुमति दे दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने उन्हें विधानसभा चुनाव 2013 में टिकट दिया था, लेकिन बाद में अक्तूबर में उनका टिकट काट दिया। उसके बाद अखबारों में उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए, जिसके कारण उनकी मानहानि हुई।