केजरीवाल और एलजी में तल्खी बढ़ी, उपराज्यपाल ने पत्र लिख जताई नाराजगी
Tue, 11 Jul 2017 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, बीते छह महीनों से हो रहा काम, मंत्री की मौजूदगी में हुयी बैठकें, फिर भी केजरीवाल को नहीं पता
उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री की अज्ञानता पर जताई हैरानी
- लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, बीते छह महीनों से हो रहा काम, मंत्री की मौजूदगी में हुयी बैठकें, फिर भी केजरीवाल को नहीं पता
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिल्ली में हो रहे कामों की जानकारी न होने पर हैरानी जताई है। उपराज्यपाल का कहना है कि दिल्ली को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिये बीते छह महीनों से बैठकें हो रही हैं।
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इसमें दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन समेत विभागीय सचिव तक मौजूद रहे हैं। जमीनी स्तर पर काफी काम भी हो गया है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री को दिल्ली में हो रहे इन कार्यों की जानकारी नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री के सहयोग देने के वायदे का उपराज्यपाल ने स्वागत भी किया है।
पूरा मामला बीते सप्ताह उस वक्त शुरू हुआ, जब मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से 15 अगस्त 2017 तक दिल्ली के यातायात अवरोधक स्थानों की सूची की मांग की। इसके दूसरे दिन उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उन्होंने इस पर पहले काम शुरू कर दिया है।
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साथ ही पहचान किये गये कारीडोर की सूची भेजी। इस पर मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर बताया कि उन्हें और उनके किसी मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी। साथ ही इस मुद्दे पर पूरा सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
उपराज्यपाल ने हैरानी जताते हुये कहा कि निर्वाचित सरकार का इस मामले में अंधेरे में रखने का बयान समझ से परे हैं। इस बावत उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री का एक पत्र भी भेजा है। इसमें लिखा गया है कि इस साल 28 मार्च को पहली समीक्षा बैठक हुयी।
इसके मिनट्स मंत्री के सचिव (परिवहन) को भेजे गए थे। उसमें 4-5 पायलट कॉरिडोर पर शीघ्र काम करने का फैसला हुआ था। तीन मई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुयी।
इसमें पांच कारीडोर चिन्हित किये गये और प्रत्येक के लिए कार्य योजना भी बनी। इस बैठक के मिनट्स की प्रति भी मंत्री (परिवहन) की सचिव को भी भेजी गयी। इसके बाद 16 मई को एक और बैठक हुयी।
इसमें दो मुख्य कॉरिडोर-अरविंदो मार्ग से अंधेरिया मोड व चिराग दिल्ली क्रासिंग से सावित्री फ्लाईओवर पर खास तौर से काम करने की योजना बनी। इस बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन न सिर्फ मौजूद थे, बल्कि उन्होंने अपने सुझाव भी दिये। इसके बाद 6 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश पर किये जा गये काम की समीक्षा हुयी।
उपराज्यपाल ने ताज्जुब व्यक्त किया कि लगातार हो रही बैठकों की मुख्यमंत्री व उनके मंत्रियों को जानकारी नहीं है। जबकि बीते छह महीनो में इस पर काफी काम हुआ है। बैठक में मंत्री भी मौजूद रहे हैं। नियमित तौर पर उनका सूचित भी किया गया।
वहीं, मीडिया में भी नियमित तौर पर इसकी खबरें प्रकाशित होती रही हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के पूर्ण सहयोग की पेशकश का उपराज्यपाल ने स्वागत भी किया है। साथ ही उम्मीद भी जताई है कि दिल्ली जल्द ही जाममुक्त होगी।