नवरात्र में खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। व्रत-उपवास के दौरान थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी होगी।
अभी मौसम गर्म है, ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, दूध और फलों के रसों का प्रयोग करें। शरीर में पानी की कमी से परेशानी हो सकती है।
हो सके तो दोपहर में थोड़ा आराम कर लें। सुबह-शाम थोड़ी देर टहलने जरूर निकलें। ज्यादा ठंडे और तले हुए खाद्य सामान का प्रयोग न करें।
नमक और चिकनाई थोड़ी मात्रा में ही प्रयोग करें। ज्यादा कड़ी फलों, ज्यादा देर के रखे खाद्य पदार्थों और फ्रिज में रखे पदार्थों का प्रयोग करने से बचें। फिजीशियन डा. जीवी सिंह और फूड सेफ्टी अफसर केके यादव के अनुसार इन बातों का ध्यान रखना होगा।
फलों में सावधानी
बाजार से लाकर फलों का तत्काल प्रयोग न करें। आजकल केला एसी में पकाकर लाया जा रहा है, जबकि फलों को पकाने में कई बार रसायनों का प्रयोग किया जाता है।
फलों में कैल्शियम कार्बाइड गैस का असर काफी देर तक रहता है। फलों को पहले दिन खरीदकर घर में छाया में खुली हवा में रख दें और अगले दिन प्रयोग करें। यदि संभव हो सके तो फलों को अच्छी तरह से धो लें।
जूस-दूध में सावधानी
उपवास में ज्यादातर समय पेट खाली होता है। ऐसे में आंतें संवेदनशील हो जाती हैं। जो भी प्रयोग किया जाता है, उसका तेजी से असर होता है। इसके चलते जरूरी है कि फसलों का ताजा जूस ही प्रयोग करें।
पैक जूस में रसायन मिले हो सकते हैं। इनसे नुकसान हो सकता है। दूध विश्वास के स्थान से लेकर प्रयोग करें। मिलावटी दूध और जूस सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अच्छा हो कि जूस से ज्यादा प्राथमिकता फलों को दें।
चौलाई-कुट्टू में सावधानी
कुट्टू के आटे को न खरीदें। चौलाई और कुट्टू आटे को घर पर ही तैयार करना चाहिए। इनको थोड़ी मात्रा में ही प्रयोग करें।
इनके प्रयोग से आंतों में खुश्की हो सकती है, ऐसे में भरपूर मात्रा में पानी-दूध और जरूरत के अनुसार वसा का प्रयोग करें। ऐसा न करने पर कुट्टू से एलर्जी हो सकती है।
आलू-अरबी व सब्जियों में सावधानी
ज्यादा मसालों का प्रयोग नहीं करना चाहिए और एक बार में उतना ही बनाना चाहिए, जिसको प्रयोग किया जा सके। बनाकर रखे हुए सामान का प्रयोग न करें।
गर्भवती और डायबिटिक रखें ध्यान
गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज रोगियों, हृदय व ब्लड प्रेशर के रोगियों, बच्चों और बीमारों को उपवास न करने की सलाह दी जाती है। इनके शरीर को ज्यादा कैलोरी की जरूरत बार-बार पड़ती है।
ऐसे में चिकित्सक उपवास के दौरान इनको थोड़ा-थोड़ा दिन में कई बार खाने की सलाह देते हैं। इनको अपना डाइट चार्ट ऐसा बनाना चाहिए, जिसमें फैट, शर्करा और मिनरल्स का संतुलन हो।
गर्म पानी नहीं आने देगा थकान
व्रत-उपवास के दौरान कम खाना लेने से थोड़ी कमजोरी का अहसास हो सकता है। ऐसे में दिन में दो-तीन बार हल्के गुनगुने पानी के प्रयोग करने की आदत डाले।
गर्म पानी से शरीर का फैट टूटना शुरू हो जाता है। ऐसे में शरीर को जरूरी मात्रा में ऊर्जा (कैलोरी) प्राप्त होती है। शरीर में स्फूर्ति रहती है और नियमित दिनचर्या में कोई परिवर्तन नहीं आता है।
चाय-काफी में कमी करें
उपवास के दौरान चाय-काफी का प्रयोग थोड़ा कम कर दें। इनके ज्यादा प्रयोग से एसिडिटी होने की आशंका बढ़ जाती है। पेट खाली रहने से हल्का दर्द भी हो सकता है। चाय-काफी प्रयोग करते समय ध्यान रखें की यह थोड़ी हल्की हों, यानी ज्यादा तीव्र न बनाई गई हों।