बिलासपुर में इंजेक्शन लगाने से दनकौर थाना क्षेत्र के झालड़ा गांव के एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद भड़के परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही से गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए क्लीनिक में तोड़फोड़ कर दी। लोगों ने बिलासपुर पुलिस चौकी के सामने दनकौर-सिकंद्राबाद रोड पर भी जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने पर जाम खोला गया। परिजनों ने दनकौर कोतवाली में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी है।
दनकौर के झालड़ा गांव निवासी हरेंद्र ने बताया कि भाई धर्मेंद्र (27) एक कंपनी में काम करता था। रविवार तड़के उसे पेट में दर्द की शिकायत हुई। उसके पिता देवीराम और छोटा भाई परविंदर बाइक से उसे बिलासपुर स्थित शबनम अस्पताल ले गए। आरोप है कि अस्पताल संचालक सफी मोहम्मद और उनके बेटे कमरुद्दीन ने दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगाया और कुछ देर बेड पर आराम करने को कहा।
एक घंटे बाद भी दर्द बंद नहीं हुआ तो चिकित्सक से दूसरा इंजेक्शन लगा दिया जिससे धर्मेंद्र बेहोश हो गया। तबीयत बिगड़ते देख चिकित्सक ने गंभीर दर्द का हवाला देते हुए किसी अन्य अस्पताल में ले जाने को कहा। परिजन उसे कैलाश अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे धर्मेंद्र की मौत हो गई।