सहानुभूति पैदा करने के लिए यौन शोषण की पीड़िता का नाम व फोटो सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है। ऐसा करने के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक मीडिया हाउस की दलील पर की है।
मीडिया हाउस ने कोर्ट द्वारा लगाए गए 10 लाख रुपये जुर्माना अदा करने में असमर्थता जाहिर की, जिसे कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने दस दिनों के भीतर जुर्माने की राशि देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में देश के 12 मीडिया घरानों को नोटिस कर जवाब मांगा था और उन पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने टिप्पणी उक्त मीडिया हाउस द्वारा माफी मांगे जाने के बाद की। मीडिया हाउस ने आठ वर्षीय पीड़िता व उसके परिजनों की पहचान सार्वजनिक करने पर माफी मांगते हुए जुर्माना अदा करने में असमर्थता जाहिर की।