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ऑस्कर के जश्न में डूबा काठीखेड़ा, सुमन और स्नेह पहुंची अपने गांव 

Mon, 04 Mar 2019 04:23 AM IST
राजेश सैनी अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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गांव काठीखेड़ा में ऑस्कर अवार्ड जीतकर लौटी स्नेह और सुमन
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पीरियड : एंड ऑफ सेंटेंस’ लघु फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाली स्नेह और सुमन के ऑस्कर अवार्ड जीतकर अमेरिका से लौटने की खुशी में उनके गांव काठीखेड़ा में जश्न का माहौल है। गांव में दीपावली जैसा उत्सव मनाने की तैयारी की गई है। सोमवार को वह अपने गांव पहुंची। 

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इधर हापुड़ में विधायक विजयपाल आढ़ती ने भी उनका जोरदार स्वागत किया है। स्नेह और सुमन को अमेरिका में ऑस्कर अवार्ड मिलने की सूचना गांव काठीखेड़ा पहुंचने के बाद से ग्रामीण बहुत खुश हैं। हर कोई उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था और जैसे ही वह अपने गांव पहुंची उनका गाजे-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया गया। गांव की प्रधान साक्षी और गुर्जर महासभा के अध्यक्ष आजाद सिंह गुर्जर और महामंत्री रवीन्द्र गुर्जर के नेतृत्व में समाज के लोग स्नेह और सुमन का स्वागत करने की तैयारी में पहले से ही जुटे हुए थे। उन्होंने स्नेह और सुमन के आते ही पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।   

बताया गया कि यूपी गेट से गांव काठीखेड़ा तक कम से कम 24 स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। गांव के बाहर से उनको जुलूस के रूप में कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। बड़ी संख्या में फूल मालाओं और ढोल बाजों का इंतजाम के बीच कुल मिलाकर काठीखेड़ा में जबरदस्त जश्न का माहौल है। वहीं शाम को दीपावली मनाने की तैयारी भी की गई है। 
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव की छोरियों ने अमेरिका में जाकर काठीखेड़ा की धाक जमाई है। गुर्जर समाज के नेता विजय चौधरी का कहना है कि दोनों ने अपने समाज और देश का नाम रोशन किया है। उनका जितना भी सम्मान किया जाए, वह कम है। 

बहू-बेटी को आशीर्वाद देने काठीखेड़ा पहुंचे सांसद

भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल भी सोमवार दोपहर ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली काठीखेड़ा की बहू सुमन और बेटी स्नेह को आशीर्वाद देने उनके गांव पहुंचे। 
सांसद ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठ भूमि में पली पढ़ी सुमन और स्नेह ने पीरियड : एंड ऑफ सेंटेंस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई और उनकी फिल्म को ऑस्कर अवार्ड मिला है। यह कोई मामूली बात नहीं है। सच यह है कि सैकड़ों फिल्म बनाने या इतनी फिल्मों में काम करने पर भी यह अवार्ड नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि स्नेह और सुमन पर बनी फिल्म को ऑस्कर अवार्ड मिलने का मतलब है कि इस फिल्म से गांव काठीखेड़ा और जिला हापुड़ का नाम फिल्म जगत के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। 

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डेढ़ करोड़ से हापुड़ में बनेगा स्टूडियो

स्नेह और सुमन का गांववालों ने किया सम्मान
ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली काठीखेड़ा की स्नेह और सुमन ने किसी स्टूडियों में काम नहीं किया बल्कि उनकी फिल्म के मुख्य भाग की शूटिंग लकड़ी की कड़ियों से बने उक्त कोठे में हुई जहां वह पैड बनाने का काम करती हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए अच्छी खबर है कि हापुड़ शहर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य स्टूडियो बनने जा रहा है। 

यह स्टूडियो मेरठ रोड पर एसडीए मिशन अस्पताल के पास बनेगा। इसके लिए हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने मानचित्र भी स्वीकृत कर दिया है। वर्ष 1919 में स्थापित एसडीए सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी सड़क के दूसरी ओर है। यह स्कूल इस सेशन में अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस स्कूल के प्रधानाचार्य डा. अतर सिंह का कहना है कि एसडीए मिशन के दिल्ली स्थित मुख्यालय ने उक्त स्टूडियो के लिए करीब डेढ़ करोड़ स्वीकृत किए हैं। जबकि पर्याप्त जमीन संस्था के पास पहले से ही थी। 

उनका कहना है कि इस स्टूडियों में बच्चों के लिए फिल्मों की शूटिंग होगी व युवक-युवतियां यहां फिल्म मेकिंग, शूटिंग, फोटोग्राफी आदि का प्रशिक्षण ले सकेंगे। उनका कहना है कि शहर के युवाओं को भी इस स्टूडियो के माध्यम से कुछ कर दिखाने का मौका मिलेगा। उनका मानना है कि अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक स्टूडियो बनकर तैयार हो जाएगा।
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