भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर रिश्ते कायम करने के लिए शुरू की गई दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा बंद हो सकती है। पर्याप्त राजस्व न जुटा पाने के चलते इस बस सेवा का भविष्य पहले से ही ज्यादा बेहतर नहीं था। अब पुलवामा में हमले के बाद से स्थिति और प्रभावित हुई है। यात्रियों के अभाव और घाटे का हवाला देते हुए डीटीसी ने सेवा बंद करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है।
दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरूआत 19 फरवरी 1999 को हुई थी। इसे संसद पर आतंकी हमले के बाद 2001 में बंद कर दिया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार आने के बाद 16 जुलाई 2003 को यह सेवा फिर से शुरू हुई।
भारत से डीटीसी की यह बस सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को लाहौर के लिए रवाना होती है। जबकि पाकिस्तान की बस मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली पहुंचती है। डीटीसी सूत्रों की मानें तो दिल्ली-लाहौर सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या सामान्य से कुछ कम रहती थी। अब पिछले छह महीनों में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई।
दिल्ली से लाहौर जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या पाकिस्तान से आने वाली बसों में की तुलना में शुरू से करीब दो गुनी ज्यादा रही है। लेकिन, 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सद्भावना बस सेवा में यात्रियों की संख्या में और तेजी से गिरावट दर्ज हुई है।