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Delhi NCR News: कश्मीरी अलगाववादी खुर्रम परवेज को यूएपीए मामले में मिली जमानत

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कश्मीरी अलगाववादी खुर्रम परवेज को यूएपीए मामले में मिली जमानत
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) मामले में जमानत दे दी है। अदालत ने जमानत कुछ शर्तों के अधीन दी है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
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एनआईए ने खुर्रम परवेज को 22 नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, वे लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़ी आतंकवाद फंडिंग, साजिश और संगठन के लिए लोगों की भर्ती के आरोपों में शामिल था। एनआईए का दावा है कि परवेज एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसमें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सुरक्षा बलों तथा सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाने की बात कही गई थी। परवेज ने खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताया। वह जम्मू-कश्मीर सिविल सोसाइटी कोएलिशन के कार्यक्रम समन्वयक और प्रवक्ता तथा फिलीपींस स्थित एशियन फेडरेशन अगेंस्ट इनवॉलंटरी डिसअपीयरेंस का चेयरपर्सन है। उसने अदालत में दलील दी कि वह कथित साजिश से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।उसने कहा कि डिजिटल उपकरणों की जांच में लश्कर या किसी प्रतिबंधित संगठन के साथ कोई संपर्क या भर्ती का प्रमाण नहीं मिला। पाकिस्तान की अपनी यात्राओं को उसने मानवीय और वकालत संबंधी गतिविधियों से जोड़ा, जैसे लैंडमाइन्स और जबरन गायब करने के मामलों पर अभियान। निचली अदालत ने दिसंबर 2024 में उसे जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय का रुख किया था।
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