अतिरिक्त मंजिलें बनाने की तैयारी, बस टर्मिनल को मॉडर्न ट्रांजिट हब में बदलने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के सबसे व्यस्त बस अड्डों में शामिल कश्मीरी गेट आईएसबीटी को आधुनिक स्वरूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली परिवहन विभाग ने बस टर्मिनल की मौजूदा इमारत कितनी मजबूत है और उस पर अतिरिक्त मंजिलें बनाई जा सकती हैं या नहीं, इसकी जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए जल्द संरचनात्मक ऑडिट कराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, ऑडिट तय करेगा कि भवन यात्रियों के दबाव को संभालने के लिए कितना सक्षम है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीटीआईडीसी) के अधिकारियों ने बताया कि चुनी गई एजेंसी भवन के ऊपरी स्लैब और पूरी संरचना की तकनीकी जांच करेगी। इसके तहत गैर-विनाशकारी परीक्षण (एनडीटी) भी किए जाएंगे, ताकि बिना तोड़फोड़ के इमारत की वास्तविक मजबूती का पता लगाया जा सके। जरूरत पड़ने पर रेट्रोफिटिंग की योजना और लागत का अनुमान भी तैयार किया जाएगा। सरकार की योजना आईएसबीटी को सिर्फ बस अड्डा नहीं, बल्कि मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की है। यहां मेट्रो, रेलवे और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को जोड़ा जाएगा। साथ ही आधुनिक सुविधाएं, फूड कोर्ट, पार्किंग और व्यावसायिक स्पेस भी विकसित किए जाएंगे। इसी तर्ज पर आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी के पुनर्विकास की तैयारी भी चल रही है।