आज जब फरीदाबाद की अधिकांश महिलाएं चांद के साथ पतियों को देखकर व्रत खोलेंगी, उसी पल कुछ ऐसी भी महिलाएं होंगी जो व्रत भी रखेंगी, पूजा भी करेंगी पर इनके जीवन साथी इनसे मीलों दूर होंगे।
पति देश की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हैं तो व्रत और पूजा करके उनकी रक्षा की दुआ मांगकर पत्नी अपना फर्ज अदा करती हैं। उन्हें पति से दूर होने का दुख नहीं बल्कि गर्व है कि वह भी सात फेरों के वचन निभा रही हैं। करवा चौथ पर शहर के ऐसे ही परिवारों से बातचीत पर आधारित दीपाली श्रीवास्तव की रिपोर्ट :
पति के पत्र का इंतजार
12 वर्ष से जम्मू में देश की रक्षा में लगे ललित भंडारी की पत्नी ललिता ने करवा चौथ से एक दिन पूर्व पूजा की सारी तैयारी पूरी कर ली। हाथों में मेहंदी भी रचा ली। पर उनकी आंखों में सुबह होने का इंतजार है। 12 वर्ष से पति का फोटो देखकर व्रत खोलती आई ललिता को इस दिन का बेसब्री से इंतजार होता है।
आखिरकार इस दिन उनके पति की चिट्ठी जो आती है। ललिता ने कहा कि जम्मू में फोन पर भी बात नहीं हो पाती। वह भले करवाचौथ पर न आए मगर इस दिन उनकी पाती उनके साथ होने का अहसास कराती है। उनका फर्ज देश रक्षा है और मेरा उनकी रक्षा करना। जो व्रत और पूजा के जरिए करती हूं।
संकल्प का मान रखने के लिए देखती हूं फोटो
जम्मू के सीआरपीएफ कैंट में तैनात रोहताश शर्मा के घर पर भी करवाचौथ की धूम है। तिलपत गांव निवासी रोहताश की भी पांच वर्ष पूर्व शादी हुई। इन दिनों बाढ़ और पाकिस्तानियों से देश की रक्षा के लिए वह करवाचौथ पर घर नहीं आ पाएंगे। उनकी पत्नी अनिता ने कहा कि फोटो देखकर व्रत खोलूंगी।
देश की रक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। इसका मान रखती हूं पर मेरे लिए उनकी रक्षा सबसे अहम है। हर वर्ष ही व्रत रखकर उनकी लंबी उम्र और साथ की दुआ करती हूं।