संजय सिंह का आरोप है भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय चुनाव आयोग से तारीखों के ऐलान होने से पहले की उसे बात देते हैं। इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।
अन्यथा 2019 के लोकसभा चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकेंगे। संजय सिंह के मुताबिक, देश के सभी विपक्षी दलों को मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिये और भाजपा सरकार की तानाशाही का विरोध करना होगा।
दूसरी तरफ आप नेता आशुतोष ने कहा कि चाहे नोटबंदी के बाद खराब हुई हालत के बीच उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के चुनाव की तारीखों का एलान करने वाली बात हो या फिर गुजरात और हिमाचल के चुनाव तारीखों की बात रही हो, सभी मामलों में आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा।
आप विधायकों को आयोग्य करार देने के मामले में भी आयोग निष्पक्ष नहीं था। संवैधानिक संस्थाओं को जिस तरह से सियासी फायदे के लिये भाजपा इस्तेमाल कर रही है, उसका विरोध सभी दलों को करना चाहिये।