सोमवार को पत्रकारों का प्रदर्शन
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दक्षिण जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग को खंगालने पर पता लगा कि दिल्ली पुलिस का एक सिपाही कैमरे को ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद सिपाही का नाम पता किया गया।
रविवार शाम को सिपाही का नाम सामने आ गया और उसके कब्जे से कैमरा बरामद कर लिया गया। उसका कहना है कि वह जेएनयू के छात्रों का समझकर कैमरे को अपने पास ले गया था।
इसकी जानकारी सीनियर अफसर को दी गई और इसके बाद सिपाही को निलंबित किया गया। हालांकि डीसीपी रोमिल बानिया ने सिपाही का नाम बताने इंकार कर दिया। डीसीपी ने बताया कि इससे पहले रविवार दोपहर को ही महिला पत्रकार का कैमरा गायब होने के मामले में सरोजनी नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
झपटमारी की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। अब कैमरा केस प्रॉपर्टी हो गया है और कोर्ट के आदेश के बाद ही महिला पत्रकार को मिलेगा। खास बात ये है कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कैमरा छीनने का मामला दर्ज किया है, जबकि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुई है उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि महिला पुलिसकर्मी महिला पत्रकार से कैमरा छीन रही हैं।
दूसरी ओर पुलिस ने अंग्रेजी अखबार की महिला पत्रकार के साथ दिल्ली कैंट के थानाध्यक्ष द्वारा छेड़छाड़ करने के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है। रोमिल बानिया ने बताया कि मामले की विजिलेंस जांच चल रही है।
महिला पत्रकार को कुछ पूछताछ करने के लिए सोमवार को सरोजनी नगर थाने में बुलाया गया है। जांच के रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता दीपेन्द्र पाठक ने विजिलेंस जांच की रिपोर्ट दो दिन में आने की बात कही थी।