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गर्मी के कारण्ा गर्भ में ही हो रही शिशुओं मौत

Sat, 21 Jun 2014 11:26 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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भयंकर गर्मी का रिकार्ड दिनों-दिन टूट रहा है। शनिवार को सुबह से ही आसमान से जैसे आग बरसने लगी। गर्म हवा और उमस के चलते जैसे हाहाकार मच गया। उमस भरी गर्मी के चलते पंखे जहां आग उगल रहे हैं, वहीं कूलर भी फेल साबित हो रहे हैं।
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अस्पतालों में प्रतिदिन हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बाजारों से ग्राहक गायब हैं। ऐसे में कारोबार भी एक चौथाई रह गया है। गर्मी के सितम से अब गर्भस्थ शिशु भी प्रभावित होने लगे हैं। सरकारी अस्पताल के आंकडे़ बताते हैं कि विगत 15 दिनों के दौरान ही 30-33 सप्ताह के 3 गर्भस्थ शिशुओं की गर्भ में ही मौत हो गई।

डाक्टरों का कहना है कि हाइपोग्लाइसिमिया की वजह से यह मौत हो रही है। अत्यधिक गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं के शरीर में ग्लूकोज और पानी की कमी हो जा रही है। इसका असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ रहा है।
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शुक्रवार को महिला अस्पताल में डासना गेट से आई एक महिला मरीज का मामला सामने आया। इसमें 33 हफ्ते तीन दिन का बच्चा पेट में ही मर गया था। महिला का किसी प्राइवेट डाक्टर से इलाज चल रहा था।

महिला अस्पताल की सीएमएस और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. कल्पना गुप्ता ने बताया कि पिछले पंद्रह दिन में ऐसा तीसरा मामला सामने आया है। गर्मी की वजह से हाइपोग्लाइसिमिया की वजह से ऐसा हो रहा है। इसलिए गर्भवती महिलाओं की सलाह है कि शरीर में पानी और ग्लूकोज की कमी न होने दें।

अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें। शर्बत, नींबू पानी, शेक आदि का सेवन करें और अगर कोई भी परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

उल्टी दस्त के मरीजों में हो रहा लगातार इजाफा
गर्मी की वजह से अस्पताल में हीट स्ट्रको, उल्टी दस्त और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एमएमजी अस्पताल में महिला और बच्चा वार्ड दोनों फुल हैं। बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखा जा रहा है। हीट स्ट्रोक के दो तीन मामले अस्पताल में रोजाना आ रहे हैं।
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