द्वारका जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करंट से पति काफी देर तड़पता रहा, हालांकि वह नींद की गोलियों के नशे में था। इसके बाद वह करंट से इधर-उधर हिलता रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब पति करण की मौत हो गई उसके बाद ही उसने बिजली के तारों में करंट को बंद किया। इसके बाद एक्सटेंशन हैंगर को पीछे कर रख दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टेप की बात आरोपी पत्नी सुष्मिता और उसके चचेरे देवर के साथ के हुई चैटिंग में भी आई है।
बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी देव ने हत्या को हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन एक चैट से दोनों की साजिश का पर्दाफाश हो गया। फिर पुलिस ने करण देव की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी सुष्मिता और चचेरे भाई राहुल देव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में दोनों (देवर-भाभी) के बीच चल रहे प्रेम-प्रसंग से भी पर्दा उठ गया।
दो महीने पहले हत्या की साजिश रची थी
पश्चिमी परिक्षेत्र के संयुक्त आयुक्त जतिन नरवाल ने बताया के आरोपी पत्नी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसका देवर के साथ प्रेम-प्रसंग डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। पत्नी सुष्मिता के मन में पति को रास्ते से हटाने का विचार छह महीने पहले आ गया था। उसने और उसके प्रेमी देवर ने दो महीने पहले पति करण देव की हत्या की साजिश रच ली थी।
बेवफा पत्नी व प्रेमी देवर राहुल के बीच चैट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये वारदात वाली रात तीन बजे की चैट है। प्रेमी राहुल पल-पल की जानकारी लेता रहा। आखिर में दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बात भी हुई। राहुल, सुष्मिता के पास पहुंचा और दोनों ने करंट के झटके देकर करण की हत्या कर डाली।
राहुल- तीन बजे तक आ जाऊंगा, घर की गली में हूं, बोलो तो आऊं
सुष्मिता- कुछ समझ नहीं आ रहा, मुझे तो... शॉक के लिए बोल रहे हो
राहुल- हां
सुष्मिता- मैं सोच रही थी कि दवाई से ही काम हो जाता, इसलिए तो इतनी देर रुकी
राहुल- और दवाई खिला दो, एक साथ सारी की सारी, ट्राय कर लो, अगर हो सकता है तो
सुष्मिता- दो या ढाई ही बची है बस
राहुल: कितने दे दी... अच्छा 15 टैबलेट होती है
सुष्मिता: ये कहानी सामने बता दूंगी (वो घरवालों को झूठी कहानी बताने के बारे में बात कर रही है)
एक बार ये चेक करो तो कितनी देर में डेथ होनी चाहिए, दवाई खाने के। लगा लो... खाना खाए इसको 3 घंटे हो गए हैं। न वोमेटिंग, न पॉटी... कुछ नहीं और डेथ भी नहीं हुई अभी तक।
राहुल- ऐसा तो कुछ नहीं आ रहा, यार अगर कुछ भी समझ नहीं आ रहा तो दे दो शॉक
सुष्मिता- शॉक के लिए कैसे बांधना है
राहुल- टेप से
सुष्मिता- बहुत स्लो सांसें ले रहा है, चिकोटी काटी तो हिला थोड़ा।
राहुल- जितनी भी दवाई और है, सब दे दो, अगर दे सको तो।
सुष्मिता: ट्राय करती हूं, मुंह नहीं खुलवा पा रही हूं, पानी तो डाल पा रही हूं पकड़ के, लेकिन दवाई नहीं डाल पा रही।
राहुल- ट्राय करो
सुष्मिता- किया 5-6 बार ट्राय, नहीं हो रहा।