आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा में याचिका दायर कर पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
कपिल मिश्रा का आरोप है कि लोकसभा चुनाव से पहले दूसरे दलों का प्रचार करने वाले केजरीवाल पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उधर, इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
विधानसभा में याचिका लगाने के बाद कपिल मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है। कपिल मिश्रा का तर्क है कि उनके खिलाफ भी इसी तरह के एक मामले की सुनवाई विधानसभा में चल रही है।
इसमें आरोप है कि ‘सातों सीटें मोदी को’ नाम से कैंपेन चलाने वाले कपिल मिश्रा पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल हुए। करीब 85 पेज की याचिका में कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल ने लोकसभा चुनावों के दौरान विरोधी राजनीतिक दलों के साथ मंच ही साझा नहीं किया, उनके पक्ष प्रचार भी किया।
ऐसे में उनकी भी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। कपिल मिश्रा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल ने ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू समेत दूसरे कई नेताओं का प्रचार किया था।
कपिल मिश्रा ने अपनी याचिका ने अन्ना हजारे, कुमार विश्वास, मयंक गांधी, प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के बयानों का हवाला देते हुए केजरीवाल के पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया है।