उधर, आम आदमी पार्टी (आप) विधायक सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया था विधानसभा की कमेटी ने उनके सर्विस रिकॉर्ड को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी।
शाम होते-होते बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में अभी तक ठंड से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। आम दिनों में भी मौतें होती हैं, ऐसे में इसे ठंड से जोड़ना ठीक नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि उनके साथ कई डिपार्टमेंट मिलकर काम करते हैं। लेकिन कहीं से इस तरह का कोई आंकड़ा नहीं मिला है। दिल्ली में बोर्ड में 261 सेंटर 24 घंटे सातों दिन काम करते हैं।
फिलहाल 13,900 लोगों को आश्रय दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी के पास मौत का कोई आंकड़ा है तो वह बोर्ड से साझा कर सकता है।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली में ठंड से हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। कपिल मिश्रा का आरोप है कि डुसुब का सीईओ चौथे नंबर पर आता है।
बोर्ड के मुखिया खुद मुख्यमंत्री हैं, जबकि इसके उपाध्यक्ष दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन हैं। इसके अलावा विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी को भी डुसुब की जिम्मेदारी दी गई है।
कपिल मिश्रा ने मांग की कि सीईओ को नहीं, मुख्यमंत्री व दिल्ली सरकार के मंत्री को इस लापरवाही पर इस्तीफा देना चाहिए।