शाहीनबाग इलाके में एक फरवरी को धरनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर गोली चलाकर सनसनी फैलाने वाले कपिल गुर्जर उर्फ कपिल बैंसला का आप कनेक्शन सामने आया है। जिसके बाद सियासत गरमाई हुई है। अब मीडिया के सामने आए कपिल के पिता और भाई ने दिल्ली पुलिस के दावों को खारिज किया है। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा है कि इन लोगों ने आप की सदस्यता कब ली, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वहीं आम आदमी पार्टी आज चुनाव आयोग जाएगी।
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दरअसल, अपराध शाखा डीसीपी राजेश देव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि एक वर्ष पहले कपिल व उसके पिता गजे सिंह को आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।
डीसीपी राजेश देव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की छानबीन और आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कपिल अपने दोस्त सार्थक के साथ शाहीनबाग पहुंचा था। उसने सार्थक को होली फैमिली अस्पताल की पार्किंग के पास रोक दिया और अपना मोबाइल उसे देकर खुद तमंचा लेकर शाहीन बाग की तरफ चला गया।
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पुलिस ने बाइक को जब्त किया और सार्थक को पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया। बाद में कपिल का मोबाइल जब्त किया गया। इसके अलावा कपिल के रिश्तेदारों व अन्य से पूछताछ में पता चला कि एक वर्ष पहले कपिल व उसके पिता गजे सिंह को आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पार्टी की सदस्यता प्रदान की थी।
चुनाव से पहले सियासत गर्म
- फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
कपिल के पिता गजे सिंह आप की सदस्यता लेने से पहले 2008 में जगंपुरा सीट पर बसपा से विधायक और 2012 में निगम पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, मामला का खुलासा होने के बाद कपिल गुर्जर के पिता और उसका भाई मीडिया के सामने आए। कपिल के पिता और भाई ने दिल्ली पुलिस के सभी दावों को खारिज कर दिया।
सचिन गुर्जर ने कहा कि फिलहाल उनके परिवार का किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है। आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ कपिल की तस्वीरों को गलत तरीके से पेश किया है।
उन्होंने आगे कहा कि टीवी चैनलों में उसके पिता को आम आदमी पार्टी का जो कैप पहते हुए दिखाया जा रहा है, वो उनकी सदस्यता नहीं, बल्कि चुनाव प्रचार के दौरान गांव में आए आप नेताओं ने पहनाया था।
वहीं, कपिल गुर्जर के पिता गजेंद्र सिंह ने कहा है कि मैं आम आदमी पार्टी का सदस्य नहीं हूं। हां, 2012 तक राजनीतिक तौर पर सक्रिय था, लेकिन उस समय भी मेरा आप से कोई संबंध नहीं था, मैं उस समय भी बसपा के साथ था। मेरी तबीयत नासाज रहती है, इसलिए मैं उसके बाद किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा। वहीं, उन्होंने कहा कि हमारे पास आम आदमी पार्टी के नेता आए थे, हमने उनका सम्मान किया था, पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी।
उधर, कपिल की बहन और रिश्ते में चाचा फतेहसिंह कहा कि गजे सिंह ने कब आप की सदस्यता ली, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इतना जरूर पता है कि वह बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं।
क्या क्राइम ब्रांच ने चुनाव आयोग से इजाजत ली
वहीं, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह आज इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे और मांग करेंगे कि क्राइम ब्रांच के अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे। नियम है कि चुनाव आयोग की इजाजत के बगैर कोई अधिकारी किसी पार्टी का नाम नहीं ले सकता क्योंकि उससे चुनाव प्रभावित हो सकता है।
क्या इसके लिए डीसीपी क्राइम ब्रांच ने चुनाव आयोग की इजाजत ली थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने किसके इशारे पर बयान दिया है। जो तस्वीरें जांच का हिस्सा है, वह पहले ही भाजपा के पास कैसे पहुंच गई। सुबह से ही भजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी कह रहे हैं कि आरोपी आम आदमी पार्टी का सदस्य है। उनको इसकी जानकारी कैसे मिल गई।
वहीं, बुधवार की सुबह आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा। ट्वीट करते हुए लिखा है कि चुनाव के पहले भाजपा गंदी राजनीति कर रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू देते सुबह नौ बजे की बता दिया था कि कपिल गुर्जर का आप से संबंध है, जबकि दिल्ली पुलिस ने शाम 7:38 मिनट पर इसकी पुष्टि की। ऐसे में मनोज तिवारी को 11 घंटे पहले ये सब कैसे पता था।