उन्होंने कहा कि निर्धारित कांवड़ शिविरों और मंदिर क्षेत्रों के लिए भी विशेष सुरक्षा उपायों की योजना बनाई गई है, जहां कांवड़िये विश्राम करेंगे और अनुष्ठान करेंगे। अधिकारी के अनुसार, शहरभर में शिविर लगाने के लिए 774 स्थानों की पहचान की गई है और 374 कांवड़ शिविरों को पहले ही अनुमति दी जा चुकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 150 से ज्यादा अतिरिक्त शिविर अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि मुख्य ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारू रूप से चलाने और तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने पर रहेगा। पीसीआर वैन, त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) और एंबुलेंस को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है।
यहां कड़ी निगरानी
पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-1, एनएच-9 जैसे प्रमुख मार्गों और बाहरी, उत्तर-पूर्व, पूर्वी और शाहदरा जिलों से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पैदल और वाहनों में कांवड़ (गंगा जल से सजे बर्तन) लेकर आने वाले तीर्थयात्रियों को निर्धारित स्थानों से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
इन मार्गों से प्रवेश करेंगे कांवड़िये
कांवड़ियों के आने के लिए दिल्ली पुलिस ने उनके प्रवेश मार्गों की एक सूची जारी की है। सूची में गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार, भोपुरा, अप्सरा, महाराजपुर, लोनी बॉर्डर और आईएसबीटी कश्मीरी गेट शामिल हैं। वजीराबाद से भोपुरा, जीटी रोड और लोनी रोड जैसी विशिष्ट सड़कें भी प्रमुख कांवड़ मार्गों के रूप में काम करेंगी।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से कांवड़ियों के आवागमन के लिए निर्धारित मार्गों से निकलने से बचने की भी अपील की है। आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वाहनों को सुगमता प्रदान की जाएगी और विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 15 जिलों के पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को मौके पर मौजूद रहने और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से आपात स्थिति से निपटने और भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश हैं।
यहां 23 जुलाई तक यातायात प्रतिबंधित
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को कहा कि कांवड़ियों की सुचारू आवाजाही और जन सुरक्षा के लिए 23 जुलाई तक कालिंदी कुंज और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधित रहेगा। एडवाइजरी के अनुसार, आगरा कैनाल रोड (कालिंदी कुंज से बदरपुर की ओर) का आधा कैरिजवे बंद रहेगा, और कालिंदी कुंज से नोएडा रोड का आधा कैरिजवे भी नियमित यातायात के लिए बंद रहेगा। यात्रा के दौरान इन हिस्सों पर भारी भीड़भाड़ की आशंका है।
देरी से बचाने के लिए यह करें
एडवाइजरी में कहा गया है कि देरी से बचने के लिए लोग, नोएडा से दिल्ली जाने के लिए कालिंदी कुंज के बजाय डीएनडी फ्लाईवे या आश्रम मार्ग का उपयोग करें। आश्रम और डीएनडी के लिए बदरपुर होते हुए मथुरा रोड का उपयोग करें। हालांकि एम्बुलेंस, अग्निशमन दल और पुलिस की गाड़ियों को प्रतिबंधित मार्ग पर जाने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें सलाह दी गई है कि वे अत्यंत आवश्यक काम के अलावा वहां जाने से बचें।
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