इरोम शर्मिला को अदालत से इंसाफ मिल गया हो लेकिन वो अभी अधूरा है। क्योंकि जिन मांगों को लेकर इरोम ने संघर्ष शुरू किया, उसे पूरा करना बाकी है। हम सभी इरोम की मांग का समर्थन करेंगे और सहयोग देंगे।
यह कहना है जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष व देशद्रोह के मामले में आरोपी कन्हैया कुमार का। वे बुुधवार को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन में छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले मंडी हाउस से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक निकाले गए विरोध प्रदर्शन में कन्हैया और उमर खालिद पुलिस के पहरे में विरोध प्रदर्शन में पहुंचे।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन तक जाना चाहते थे
कन्हैया कुमार
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों और रोहित वेमुला को इंसाफ दिलाने के लिए ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर सोशल जस्टिस का विरोध मार्च मंडी हाउस से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक गया। हालांकि कार्यक्रम तीन घंटे देरी से शुरू हुआ।
प्रदर्शनकारियों में कन्हैया और उमर खालिद के शामिल होने के चलते मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, जंतर -मंतर से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन तक भारी सुरक्षा बल तैनात था। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट के बाहर रोक लिया।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी यानी हैदराबाद यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति से कैंपस में छात्रों व शिक्षकों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में दखल देने की मांग कर रहे हैं।
इरोम से नहीं मिल पाया कन्हैया
कन्हैया कुमार
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते उमर खालिद ने कहा कि संसद में घड़ियाली आंसू बहाने वालों ने कुलपति प्रो. अप्पा राव को कैंपस में वापस बुलाकर रोहित वेमुला की बेइज्जती की है।
देश के विश्वविद्यालयों में भगवाकरण का काम जारी है। विरोध प्रदर्शन में जेएनयू, अंबेडकर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीयू समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के सामने से कन्हैया इरोम से मिलने की बात कहकर गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते मणिपुर हाउस में इरोम से मिलने की इजाजत उसे नहीं दी गयी। इरोम ने दूर से हाथ हिलाकर जेएनयू के छात्रों का अभिवादन स्वीकार किया।