अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने शुक्रवार को आबकारी नीति मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता को 15 अप्रैल तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष सीबीआई ने पहले बीआरएस नेता की पांच दिन की हिरासत मांगी थी, जिन्हें मामले में पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए कविता को 15 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर भेज दिया।
कविता कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में थीं जब उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को रिमांड की मांग करते हुए सीबीआई ने अदालत से कहा कि बीआरएस नेता ने पैसे की व्यवस्था करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसमें व्हाट्सएप चैट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि कविता एक प्रॉक्सी के माध्यम से शराब कंपनी इंडोस्पिरिट के थोक लाइसेंस में साझेदारी कर रही थी।
केंद्रीय एजेंसी ने कविता पर हालिया पूछताछ के दौरान गोलमोल और विपरीत जवाब देने का भी आरोप लगाया। उसे किंगपिन और मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए, सीबीआई ने कहा कि अन्य लोगों की संलिप्तता की अभी भी जांच की जा रही है और इसलिए कविता से पूछताछ जरूरी है। कविता के वकील ने दलीलों का विरोध करते हुए गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया और कहा कि उनकी गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए अब सीबीआई द्वारा जिन सबूतों का हवाला दिया जा रहा है, वे बहुत पुराने हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने आगामी लोकसभा चुनावों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी दूसरे मामले में कविता को गिरफ्तार करके एक लोकप्रिय नेता की हिरासत को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।