के कविता आबकारी नीति मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष यह तर्क रखा।
बीआरएस नेता के कविता ने अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उत्पीड़न एजेंसी की तरह काम कर रही है। उसके दृष्टिकोण में निष्पक्षता नहीं है। कविता आबकारी नीति मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष यह तर्क रखा।
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उन्होंने कहा कि के. कविता को गिरफ्तार करने की कोई आवश्यकता नहीं थी और बीआरएस नेता ईडी के समन में सहयोग कर रही हैं। ईडी उत्पीड़न करने वाली एजेंसी की तरह काम कर रहा है। यह पूर्व प्रेरित दृष्टिकोण है, या तो हम आपको गिरफ्तार करें या जब तक हम आपको गिरफ्तार नहीं कर लेते या आपको गिरफ्तार करने में असमर्थ हैं तब तक हम उत्पीड़न का चूहे-बिल्ली का खेल खेलते रहेंगे।
सिंघवी ने यह भी कहा कि ईडी ने कविता को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया जब एएसजी एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने कथित मौखिक वचन को वापस लिया कि केंद्रीय जांच एजेंसी उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। सिंघवी ने कहा, वह एक ऐसी महिला हैं जिनकी जड़ें समाज में हैं। मामले में 4 अप्रैल को सुनवाई होगी। 26 मार्च को के कविता को 9 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।