नोट बंदी के बाद से सर्राफा बाजार पूरी तरह ठप हो गया है। शादियों का सीजन होने के कारण जहां सर्राफा बाजार में भीड़ होना चाहिए। वहीं अब बैंक के बाहर भीड़ लग रही है। व्यापारी शादी सीजन को लेकर सजाई दुकानों में ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नई नोट लोगों के पास नहीं आने एवं पर्याप्त नकदी नहीं आने के कारण सर्राफा व्यापारी काफी निराश है।
नोट बदलने की इस भीड़ के तहत ज्वैलर्स ने अपनी शॉप में नोट बैन का बोर्ड लगा रखा है। नोट बंदी के दस दिन बाद भी नई नोट लेकर ग्राहक ज्वैलर्स के पास नहीं पहुंचे है। केंद्र सरकार द्वारा खाते से शादी विवाह आयोजन परिवार के किसी एक सदस्य से ढ़ाई लाख रुपये की निकालने की घोषणा तो की गई है, लेकिन बैंकों के पास पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण इन लोगों को नहीं मिल रहा है।
इससे सोने चांदी आभूषण विक्रेता के कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोने से जुड़ी ब्रांडेड लिडिंग कंपनी के निदेशक कहते है कि पिछले दस दिनों में सोने की खरीदी 40 प्रतिशत गिरी है। लोगों के पास पैसा नहीं है। जो इक्का दुक्का खरीदी हो रही है, वह सिर्फ ऑनलाइन के आधार पर चल रही है। 22 कैरेट सोना 29 हजार 420 रुपये दाम है। नोट बैन के बाद से दाम गिरता जा रहा है।
पैसा ही नहीं, कहां से खरीदें सोना
जिन लोगों को कुछ पैसा मिल रहा है, वह सोना खरीदने के बजाय शादी से जुड़ी अन्य तैयारियों में खर्चं कर रहे हैं। वहीं सर्राफा व्यापारी आगे भी करीब तीन चार माह तक सोने का कारोबार ऐसा ही रहने की आशंका जता रहे हैं। बाजार विशेषज्ञ बताते है नोट बैन के किए जाने से दो दिन तक कुछ सर्राफा कारोबारियों ने जमकर दस लाख रूपये से अधिक का सोना बेच कर लाभ कमाया। पिछले कुछ दिनों ऑनलाइन भुगतान के आधार पर सोने की खरीदारी हो रही थी। अब तो वह भी नहीं है। सोने का कारोबार ठप हो गया है। शादी के सीजन की तैयारियां धरी की धरी रह गर्ई है।
-सजल गोयल, निदेशक
सोने की खरीदारी में मांग एवं पूर्ति का सिद्धांत होता है। लोगों को नए नोट ही नहीं मिल रहे हैं। जो थोड़ा पैसा मिल रहा है, उसे अन्य आवश्यक कार्य में लगाया जा रहा है। सोने का कारोबार तो ठप है। -विशाल नोनियाल, ज्वैलर्स