दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली अग्निशमन विभाग ने शुरुआती जांच में कहा कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। बताया जा रहा है कि आग फैली तो वहां शराब की बोतल रखी थी। सूत्रों का कहना है कि आग से शराब की बोतल फट गई। इससे आग भड़क गई और बोरियों में रखे नोटों तक पहुंच गई। इसके बाद बोरियों में आग लग गई। शराब की बोतल फटने से जोरदार धमाका हुआ। धमाका होने से वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षा जवानों में अफरातफरी मच गई। इसके बाद पीसीआर कॉल कर पुलिस को सूचना दी गई।
इस कारण बिखर गए थे नोट
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने जब आग को बुझाना शुरू किया, तो नोटों से भरी बोरियां पर प्रेशर से पानी गिरा। इससे बोरियां फट गईं। इससे नोट इधर-उधर बिखर गए। कुछ नोट उड़कर बाहर गिर गए थे।
पुलिस ने कमरे को सील नहीं किया
दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही ये सामने आई है कि उसने घटनास्थल वाले कमरे को सील नहीं किया। ऐसे में अगले दिन एनडीएमसी के कर्मचारियों ने कमरे को साफ कर दिया। कर्मचारियों ने कोठी के बाहर भी सफाई कर दी थी। पुलिस की दूसरी लापरवाही ये थी कि मौके से साक्ष्य नहीं उठाए। आग कोठी के लॉन में बाहर की तरफ सिक्योरिटी कक्ष के पास बने कमरे में लगी थी। आग लगने के बाद हल्का धमाका हुआ था। इसके बाद यहां के सिक्योरिटी स्टाफ ने पीसीआर कॉल थी। पीसीआर की विक्टर वैन-41 मौके पर पहुंची थी।
अग्निशमन विभाग ने रिपोर्ट में पैसों की बात कही
अग्निशमन विभाग ने जो रिपोर्ट दी है कि उसमें कहा गया है कि सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर गई थीं। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। कमरे में आग काबू में आने के बाद 4-5 अधजली बोरियां मिलीं, जिनके अंदर भारतीय मुद्रा भरी होनेे के अवशेष मिले। नई दिल्ली जिले के तुगलक रोड थाने में आग की सूचना को लेकर डीडी एंट्री दर्ज की गई है।
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