पुलिस द्वारा जब रिंकू सैनी से पूछताछ की गई तो उसने सारे मामले का खुलासा करते हुए आठ अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता बताई। राजस्थान पुलिस द्वारा बताए गए नामों की पहचान के साथ सत्यापन करने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्डिंग आदि की गहनता से जांच की गई तो पूरे मामले की कड़ी जुड़ती चली गई। इस मामले में दर्ज एफआईआर में से अनिल निवासी मुलथान, श्रीकांत निवासी मरोड़ा के साथ अन्य छह की पहचान कालू निवासी कैथल, मोनू निवासी पालूवास भिवानी, विकास निवासी जींद, शशिकांत निवासी मुनक करनाल, गोगी निवासी भिवानी, किशोर निवासी घरौंदा के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के साथ तालमेल कर राजस्थान की पुलिस की तीन टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।
आरोपियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों के ठिकानों और उनके परिजनों के यहां दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। आईजी ने कहा कि जली हुई गाड़ी से मिले नर कंकाल और परिजनों के लिए गए डीएनए से सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी में मिले खून के धब्बों का मिलान किया जा रहा है। एफएसएल की रिपोर्ट आने पर ही इस मामले में कुछ कहा जाएगा। इसके अलावा पुलिस की जांच कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है।
राजस्थान पुलिस की कहानी, आईजी की जुबानी
आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि जुनैद नासिर हत्याकांड में दूसरे वाहन का खुलासा करते हुए आरोपी रिंकू सैनी ने पुलिस को बताया कि इस मामले में एक सफेद रंग की स्कार्पियो का इस्तेमाल किया गया था। इसमें नासिर और जुनैद को ले जाया गया था। 15 फरवरी को आरोपी जुनैद और नासिर को उठाकर हरियाणा ले गए और वहां पर जंगल में उनके साथ मारपीट कर इस वारदात को अंजाम दिया। हरियाणा और राजस्थान की संयुक्त पुलिस टीम ने उक्त सफेद रंग की स्कार्पियो को जींद की एक गोशाला से बरामद कर लिया है। राजस्थान मोबाइल एफएसएल टीम ने हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में गाड़ी में लगे खून व अन्य के सैंपल भी लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की पूछताछ और जांच जारी है। हत्याकांड में कई नए चेहरे सामने आने की उम्मीद है।