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दो दिन बाद भूख हड़ताल करेंगी जुनैद की मां, अगर नहीं पूरी हुई ये शर्त

Wed, 05 Jul 2017 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

-दो लाख रुपये इनाम की घोषणा पर भी खड़े किए सवाल 
जुनैद की मां ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी 
-दो लाख रुपये इनाम की घोषणा पर भी खड़े किए सवाल
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विस्तार
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बेटे के मुख्य हत्यारोपी को यदि दो दिन के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तौ मैं भोजन त्याग दूंगी।’ यह चेतावनी जुनैद की मां सायरा ने मंगलवार को पत्रकारों के सामने दी।
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पुलिस की जांच शैली को लचर बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी पहले दिन से ही दावा कर रहे हैं कि जल्द ही हत्यारे को पकड़ लिया जाएगा लेकिन आज तक उसका पता नहीं लगा सकी।

पुलिस चार युवकों को दो दिन तक रिमांड पर लेकर पूछताछ करती रही लेकिन हत्यारे का पता नहीं लगा सकी। पुलिस की असफलता इसी से सिद्ध होती है कि हत्यारे की तलाश के लिए उसे दो लाख रुपये का इनाम घोषित करना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि पुलिस यदि दो दिन के भीतर हत्यारे को सामने नहीं लाती है तो परिजनों ने बात करने के बाद वह भूख हड़ताल करेंगी। 22 जून की शाम दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू में जुनैद की हत्या कर दी गई थी, जबकि  उसका भाई शाकिर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य पहुंचे खंदावली 

जुनैद हत्याकांड की जांच पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी नजर रख रहा है। आयोग के सदस्य सुनील सिंघी मंगलवार को जुनैद के परिजनों से मिलने खंदावली गांव पहुंचे। इससे पहले उन्होंने मैगपाई होटल में अधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने वारदात और अब तक की गई जांच-कार्रवाई की जानकारी ली। खंदावली में जुनैद के पिता जलालुद्दीन, मां सायरा और अन्य परिजनों से मिलकर सुनील सिंघी ने वारदात की जानकारी ली।

पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए उन्होंने कहा कि मामले पर आयोग गंभीरता से नजर रखे हुए है। अधिकारियों के साथ बैठक कर हत्यारोपी को जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही कुछ जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं।

डीसीपी विष्णु दयाल को जुनैद के परिवार की सुरक्षा के निर्देश दिए। डीसीपी ने बताया कि घर की सुरक्षा के लिए आठ हथियारबंद सिपाही 24 घंटे तैनात रहते हैं। परिजनों ने सरकारी नौकरी के बारे में पूछा तो सुनील सिंघी ने कहा कि आयोग की ओर से नौकरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है इस संबंध में रेलवे से भी बात की जाएगी।

सरकार की ओर से की गई घोषणाओं का कितना लाभ पीड़ित परिवार को मिला इसकी जानकारी उन्होंने एसडीएम अमरदीप जैन और तहसीलदार विजेंद्र राणा से ली। करीब एक घंटा रुकने के बाद परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर वह दिल्ली रवाना हो गए।
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