घटना की खबर पाकर कड़कड़डूमा कोर्ट के कई वकील भी मौके पर पहुंचे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी भी तरह की साजिश या गड़बड़ी सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि पीसीआर कॉल मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
अमन कुमार दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के तहत कड़कड़डूमा कोर्ट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस उपायुक्त गोयल ने बताया कि इस घटना का पता तब चला जब जज के जीजा ने उन्हें बाथरूम में फंदे से झूलता हुआ देखा। दिल्ली पुलिस को दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर एक कॉल मिली थी। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी जिसने एक जज को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
जून 2021 में न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कि शर्मा 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे। पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून में स्नातक, उन्होंने 2018 में अपना बीए एलएलबी पूरा किया था। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई तरह के आपराधिक और दीवानी मामलों को संभाला और विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (लेएमएफसी) और सिविल जज के रूप में कार्य किया। 18 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी, शर्मा ने कड़कड़डूमा कोर्ट स्थित उत्तर-पूर्वी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।