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जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द, यमुना प्राधिकरण की हुई 20 हजार करोड़ की संपत्ति

Thu, 13 Feb 2020 01:57 AM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • बिड के जरिए बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की नीलामी होगी
  • बोर्ड के फैसले पर सीईओ ने किया अमल
  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ले सकता है अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट ग्राउंड
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डॉ. अरुणवीर सिंह, यमुना प्राधिकरण के सीईओ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को सेक्टर-25 में आवंटित की गई 1000 हेक्टेयर जमीन का आवंटन बुधवार को रद्द कर दिया है। करीब 20 हजार करोड़ रुपये की यह संपत्ति अब यीडा के नाम हो जाएगी। यीडा बहुत जल्द इस पर कब्जा लेगा। इस जमीन पर यीडा का करीब 1044 करोड़ रुपये बकाया है। आवंटन रद्द होने के साथ ही फॉर्मूला वन रेस से पूरी दुनिया का दिल जीतने वाला बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) भी नीलाम होगा। इसी स्पोर्ट्स सिटी में बना अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट ग्राउंड भी जल्द नीलाम होगा। इसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी ले सकता है। 

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यीडा के मुताबिक जेपी एसोसिएट्स की उप कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को 2009-10 में 1000 हेक्टेयर स्पेशल डेवलपमेंट जोन (एसडीजेड) की जमीन आवंटित की गई थी। जेपी ने इस पर स्पोर्ट्स सिटी लांच कर दी। इसी जमीन पर बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट व क्रिकेट ग्राउंड भी बना हुआ है। जेपी पर जमीन आवंटन का करीब 1044 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसमें से 225 करोड़ रुपये की किस्त डिफॉल्ट हो चुकी है। 100 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी नहीं जमा की गई है।

करीब 718 करोड़ रुपये की किस्त भविष्य में मिलनी थी, लेकिन जमा न करने पर यीडा ने आवंटन रद्द कर दिया। इससे पहले 21 दिसंबर को यीडा की बोर्ड बैठक में इसे रद्द करने का फैसला लिया था। इसमें सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह को कार्रवाई का अधिकार दिया गया। सीईओ ने तमाम तथ्यों का परीक्षण करने के बाद बुधवार को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। सीईओ ने साफ किया है कि स्पोर्ट्स सिटी में मौजूद सभी सुविधाओं को बरकरार रखा जाएगा। बिड के जरिये जिस कंपनी का चयन होगा, वह इसका संचालन करेगी। नोएडा एयरपोर्ट के कारण यह सुविधाएं आने वाले दिनों में बेहद अहम होंगी। वहीं, जानकार बताते हैं कि जेपी इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट जा सकता है। 
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तीन प्लॉटों की योजना निकाली गई थी

प्राधिकरण के मुताबिक, 2009-10 में यमुना प्राधिकरण ने तीन एसडीजेड प्लॉटों (एक-एक हजार हेक्टेयर) की योजना निकाली, जिसमें से एक एसडीजेड जेपी एसोसिएट्स, दूसरा डीएलएफ और तीसरा वेव ग्रुप ने खरीदा। बाद में डीएलएफ व वेव ग्रुप ने प्लॉट सरेंडर कर दिए, लेकिन जेपी ने सरेंडर नहीं किया। सेक्टर-25 के आसपास करीब 1000 हेक्टेयर जमीन आवंटित हुई।

कब्जा लेने की तैयारी शुरू

यीडा ने आवंटन रद्द करते हुए जमीन कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है। यीडा का आकलन है कि करीब 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति उसकी हो गई है। यह आकलन इस आधार पर लगाया है कि जेपी ने करीब पांच साल पहले 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर पर जमीन आवंटित की है। उसके हिसाब से एक हजार हेक्टेयर जमीन करीब 20 हजार करोड़ रुपये की होगी, जबकि नोएडा एयरपोर्ट की वजह से यीडा एरिया में जमीन के रेट और बढ़े हैं। 

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