पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के बाद गाजियाबाद जिले के सभी वर्गों में रोष है। व्यापारिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने हत्यारोपियों को फांसी की सजा की मांग की है।
महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद और महामंत्री अशोक चावला ने कहा कि जिले में पत्रकार भी सुरक्षित नही हैं। अगर चौथे स्तंभ पर भी हमले होंगे तो लोकतंत्र की नींव खोखली हो जाएगी।
व्यापार मंडल ने हत्यारोपियों को फांसी की सजा और पत्रकार के परिवार को एक करोड़ रुपये की मांग मुख्यमंत्री से की है। सपा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
सपा महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा कि उस समय पुलिस इस घटना को लेकर गंभीर होती तो शायद एक पत्रकार आज जिंदा होता। अपराधी अपराध करने से पहले जेल की सलाखों के पीछे होते।
उन्होंने बताया कि उन्हीं के परिवार के सदस्य ने उन्हें बताया की पत्रकार विक्रम जोशी ने घटना के दो घंटे पूर्व ही चौकी इंचार्ज को अपने घर के सामने कुछ असामाजिक तत्व इकट्ठा होने की जानकारी दी थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना अध्यक्ष ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
परिवार को 50 लाख की मांग
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने भी पत्रकार की हत्या के मामले में रोष जताया। उन्होंने कहा कि बदमाशों में पुलिस का खौफ नहीं है।
महानगर अध्यक्ष संजय बिंदल और चेयरमैन महेश अग्रवाल ने बताया कि मंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि परिवार को 50 लाख रुपये की मदद की जाए। हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए।
पत्रकार की हत्या, सिस्टम को चैलेंज: महंत
दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत श्री नारायण गिरि ने पुलिस-प्रशासन से हत्यारों को जल्द फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि विक्रम जोशी की आत्मा को शांति प्रदान करें। पत्रकार की हत्या सीधे सिस्टम को चैलेंज है। ऐसे में आम जन कैसे सुरक्षित हो सकते हैं।