नगर निगम एवं जिला प्रशासन जिला रेडक्रॉस सोसायटी के साथ मिलकर पॉलिथीन मुक्त अभियान के लिए जिले की 1000 से अधिक जरूरतमंद महिलाओं और 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को घर बैठें रोजगार मुहैया कराएगा।
बशर्ते ये महिलाएं कपड़े का थैला सिलना जानती हों और उनके पास अपनी सिलाई मशीन हो। निगम के सार्थक प्रयास से रेडक्रॉस द्वारा जेल के 100 से अधिक बंदियों को कपड़े के थैले बनाने का काम देने के साथ उन्हें आधुनिक मशीनें भी प्रदान की गई हैं, जिससे कि वे जेल में रहकर कपड़े के थैले बनाकर रेडक्रॉस को उपलब्ध करा सकें।
यही कपड़े के थैले जिले के स्कूलों में पहुंचाए जाएंगे। निगम आयुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने बताया कि जिले में ‘पॉलिथीन को ना और कपड़े के थैले को हां’ प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। आमजन तक कपड़े का थैला पहुंचाने के लिए प्रतिदिन काफी संख्या में कपड़े के थैले की आवश्यकता पड़ेगी।
इसके लिए प्रतिदिन जेल के बंदियों के साथ-साथ गुड़गांव में उन सहायता समूह और जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार देने का निर्णय लिया गया है, जो महिलाएं घर में रहकर ही काम करना चाहती हैं और कपड़े का थैला बनाकर रेडक्रॉस सोसायटी को उपलब्ध करवाना चाहती हैं।
निगम कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं महिलाएं
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उपायुक्त ने जिले के सभी सामाजिक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से आह्वान किया है कि यदि उनके आस-पास महिलाओं के संगठन हैं, जो घर में ही कपड़े का बैग बनाकर रेडक्रॉस को उपलब्ध करवा सकते हैं तो वे निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
सभी महिलाओं को मेहनताना भी उसी दिन प्रदान किया जाएगा, जिससे कि महिलाएं और अधिक उत्साह और मेहनत के साथ काम कर अपने बच्चों की शिक्षा व परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
पॉलिथीन मुक्त अभियान के लिए बनाई टीम विभिन्न मोहल्लों, गांवों, कस्बों से कपड़े के थैले उन सहायता समूह से प्राप्त करेगी, जो 500 से अधिक थैले एक स्थान पर एकत्रित करेंगे, ताकि समूह की महिलाओं को दूर-दराज के क्षेत्र से रेडकॉस गुड़गांव न आना पड़े।