दिल्ली की 33 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके पास रोजगार का कोई न कोई साधन या नौकरी है। जबकि 65 फीसदी आबादी गैर कामकाजी है। इसमें पढ़ाई करने वाले बच्चे ,घरेलू काम करने वाली महिलाएं और पेंशन से गुजारा करने वाले बुजुर्ग शामिल हैं। वहीं अन्य तरह से गुजारा करने और काम करने में अक्षम लोगों की संख्या करीब दो फीसदी है।
दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को 68वें राष्ट्रीय सैंपल सर्वे 2011-12 की जो रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्र के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले दिल्ली में प्रति हजार बेरोजगारों की संख्या ज्यादा है।
राजधानी में बेरोजगारों की संख्या 2.66 लाख है। इसमें महिलाओं की भागीदारी 54,000 है। इसमें तीन फीसदी अनपढ़ हैं। इनमें 1.56 लाख बेरोजगार उच्चतर या स्नातक तक पढ़े हुए हैं। बेरोजगारों में 94 फीसदी की उम्र 15-29 वर्ष के बीच है।