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जेएनयू में फिर लाल सलाम, चारों सीटों पर वाम संगठन का कब्जा

Sun, 16 Sep 2018 08:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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JNUSU Election 2018
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना पूरी हो गई है। केंद्रीय पैनल के सभी पदों पर वामपंथी छात्र संगठनों का गठबंधन ‘यूनाइटेड लेफ्ट’ ने जीत दर्ज की है।

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JNUSU Election Result 2018 Live Updates:-
चुनाव समिति के मुताबिक 5,170 मतों की गणना के बाद लेफ्ट के एन साई बालाजी ने 2151 वोटे के साथ जीत दर्ज की, उन्होंने एबीवीपी के ललित पाण्डेय को 1179 वोटों से हराया। ललित पाण्डेय को 972 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट संगठन से सारिका चौधऱी ने जीत दर्ज की, उन्होंने एबीवीपी के गीता श्री को 1579 मतों से पराजित किया।महासचिव पद के लिए लेफ्ट संगठन के ऐजाज अहमद राठेर को 2426 वोट मिले, उन्होंने एबीवीपी के गणेश को 1193 मतों से पराजित किया। संयुक्त सचिव पद पर लेफ्ट की ओर से अमुथा जयदीप ने जीत दर्ज की, उन्होंने एबीवीपी के वेंकट चौबे को 757 मतों से पराजित किया।

इसके साथ ही लेफ्ट संगठन के 26 काउंसलर्स ने जीत दर्ज की है। काउंसलर्स सीट पर एबीवीपी को एक, एनएसयूआई को एक और एक निर्दलीय को भी जीत मिली है।

अध्यक्ष पद
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एन साइ बालाजी (लेफ्ट यूनिटी): 2151
ललित पाण्डेय (एबीवीपी): 972
उपाध्यक्ष पद
सारिका (लेफ्ट): 2592
गीता श्री (एबीवीपी): 1013
सचिव पद
एजाज (लेफ्ट): 2426
गणेश (एबीवीपी): 1235
उपसचिव पद
अमुथा (लेफ्ट): 2047
वेंकट चौबे (एबीवीपी): 1290

शनिवार देर रात 1.45 बजे मतगणना स्थल पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी पहुंची थी।

शुक्रवार को जेएनयू छात्र संघ के दिलचस्प चुनाव में 67.8 फीसदी मतदान हुआ था जिसे पिछले छह साल में सबसे ज्यादा माना जा रहा है। इसमें 5,000 से ज्यादा छात्रों ने मतदान किया। 

वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) इस बार ‘यूनाइटेड लेफ्ट’ गठबंधन के तहत एकसाथ चुनाव लड़ रहे हैं। वामपंथी छात्र संगठनों के अलावा एबीवीपी, एनएसयूआई और बापसा के उम्मीदवार भी मैदान में थे। 
 

मतदान गणना के दौरान हुई बवाल को लेकर एनएसयूआई छात्रनेता लाराइब नियाज़ी ने कहा कि जब वे एबीवीपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद वसंत कुंज पुलिस स्टेशन से वापस आ रहे थे, तब तीन लोगों ने उनपर हमला किया था।

जेएनयूएसयू चुनाव आयोग 2018-19 ने जानकारी दी है कि बैलट बॉक्स चोरी करने के प्रयास के साथ ही मतगणना स्थल पर मौजूद आयोग के महिला सदस्यों व अन्य सदस्यों के साथ मारपीट व हिंसा की गई। 

वहीं एबीवीपी का आरोप है कि जेएनयूएसयू इलेक्शन की पहली राउंड काउंटिंग (साइंस स्कूल और अन्य स्पेशल सेन्टर) शुरू होने के समय एबीवीपी के काउंटिंग एजेंट को बुलाए बिना चुनाव आयोग के सदस्यों ने लेफ्ट के कार्यकर्ताओं के साथ काउंटिंग शुरू कर दिया। इनका आरोप है कि आयोग और लेफ्ट दोनों के सदस्य मिलकर साजिश और धांधली कर रहे हैं। ऐसा चुनाव हम नहीं मानते, हमें काउंटिंग में नहीं बुलाया जा रहा है।

वहीं आईसा का आरोप है कि आज  सुबह 4 बजे एबीवीपी के कुछ लोगों ने एसआईएस की बिल्डिंग के कांच तोड़ दिए। चुनाव आयोग ने मतगणना रोक दी है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने एबीवीपी से बिना शर्त माफी मांगने को कहा है क्योंकि एबीवीपी के लोगों ने ईसी के सदस्यों को घायल कर दिया है। इसके साथ ही आईसा का ये भी आरोप है कि एबीवीपी ने मतगणना बूथ पर जाम लगा कर रख दिया है।

जेएनयू चुनाव समिति के आयुक्त हिमांशु कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, स्कूल ऑफ इनवायरमेंटल स्टडीज (एसईएस), स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस), स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज, लिट्रेचर एंड कल्चर स्टडीज (एसएलएलसी) और स्कूल ऑफ सोशल साइंस (एसएसएस) में मतदान केंद्र बनाए गए थे।। कैंपस में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। देर रात मतगणना शुरू हो गई। 
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जेएनयू में देश के हर कोने से छात्र पढने आते हैं। इसी के चलते छात्र संगठनों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, केरल, असम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश व दिल्ली से उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मतदान के दौरान देश के हर कोने से जुड़े प्रत्याशी अपने इलाके के मतदाताओं से वोट की अपील करते दिखे। इससे जेएनयू कैंपस में मिनी इंडिया की झलक दिखी।

लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा
केंद्र में मोदी लहर का ही कमाल था कि वर्ष 2014 छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने लाल दुर्ग में भगवा फहराया था। सेंट्रल पैनल से लेकर काउंसलर पद की रेस में एबीवीपी को लगातार जीत मिलने के चलते ही कैंपस में अब लेफ्ट की डफली के बीच भगवा का मजीरा भी खूब रंग जमाता है। लेफ्ट के छात्र डफली से मतदाताओं को रिझाते रहे तो एबीवीपी ने हिंदूवादी सोच के तहत शंखनाद कर शुभ काम करने का संदेश दिया।

वर्ष    मतदान फीसदी 
2007    68.43  
मार्च 2012    58.7 
सितंबर 2012    60 
2013    56 
2014    55 
2015    53.33 
2016    59.60 
2017    58.69
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