राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी
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जेएनयू हिंसा के बाद एक वाट्सएप चैट वायरल होने के संबंध में एबीवीपी पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन को बदनाम करने के लिए कुछ लोगों ने ग्रुप में ऐसे चैट को डाला था। यह देखकर एबीवीपी सदस्य योगेंद्र ने उस वाट्सएप ग्रुप को छोड़ दिया था। जितने भी लोगों ने उस पर हिंसा की वाट्सएप चैट की थी उनका संगठन से कोई लेना देना नहीं है। दिल्ली पुलिस के पास उन लोगों के मोबाइल नम्बर हैं, जो जांच सामने आ जाएगा। संगठन से जुड़ा बताकर कर रहे बदनाम
राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी का कहना है कि हिंसा में दिख रहे कुछ लोग खुद को एबीवीपी से जुड़ा बता रहे हैं, जो पूरी तरह फर्जी है। पुलिस की जांच में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं उनका संगठन से कोई लेना देना नहीं है।