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'जो होना था वह हो गया, हमें पिछली बातों को भूल कर आगे बढ़ना चाहिए': जेएनयू कुलपति

Sun, 12 Jan 2020 02:08 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेएनयू वीसी - फोटो : सोशल मीडिया
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पिछले दिनों हुए हिंसक हमले के बाद रविवार को एक बार फिर कुलपति एम जगदीश कुमार ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने सामान्य स्थिति बहाल करने के इरादे से कहा कि जो होना था वह हो गया। हमें पिछली बातों को भूल कर आगे बढ़ना चाहिए। हम किसी पर उंगली नहीं उठा रहे हैं, न ही किसी को दोषी ठहरा रहे हैं। हमारे लिए जरूरी यह है कि विश्वविद्यालय का काम सुचारू रूप से चले और हम आगे बढ़ें। 

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  वहीं आज डीएमके की युवा इकाई के नेता और एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन छात्रों से मुलाकात के लिए जेएनयू पहुंचे। वहां पहुंच कर उन्होंने छात्रों से बातचीत की और बीते पांच जनवरी को हुई हिंसा को लेकर बातचीत की। 

वहीं एसआईटी ने शुक्रवार को व्हाट्सएप ग्रुप और वायरल वीडियो की मदद से विश्वविद्यालय में हुई हिंसा में शामिल 41 लोगों की पहचान कर ली है। एसआईटी का कहना है कि इनमें से 12 लोग जेएनयू के नहीं हैं। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। इसके बाद ही किसी की गिरफ्तारी की जाएगी। पूछताछ के लिए पुलिस ने 37 लोगों को नोटिस भेजा है।
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एसआईटी प्रमुख डा. जॉय टिर्की के मुताबिक जेएनयू में हिंसा के समय दो व्हाट्सएप ग्रुप बने थे। वारदात तुरंत बाद इन्हें डिलीट कर दिया गया था। एक ग्रुप यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट नाम से था। इससे जुड़े 12 लोगों का जेएनयू से कोई लेना-देना नहीं है। पहचान किए गए लोगों को एसआईटी टीम सर्विलांस की मदद से तलाश रही है।
 

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इससे पहले शनिवार को वीसी ने छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि बीते दिनों की घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि आगे से कोई निर्दोष छात्र घायल न हो। वीसी ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा यूनिवर्सिटी में इस हद तक आतंक फैलाया गया कि हमारे कुछ छात्रों को डर से हॉस्टल छोड़ना पड़ा।

वीसी ने ये भी कहा कि यह एक बड़ी समस्या है कि कई छात्र अवैध रूप से हॉस्टल में रह रहे हैं, वो बाहरी भी हो सकते हैं, वो किसी तरह की हिंसा में भी भाग ले सकते हैं जिनका विश्वविद्यालय से कोई लेना-देना नहीं है।
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