गौरव का मोबाइल रात में ही स्विच ऑफ हो गया था। इसके बाद परिजनों ने रात में ही बिसरख कोतवाली में सूचना दे दी थी। उनका शव गौर चौक से पहले जो क्रिकेट ग्राउंड पड़ता है वहां से बरामद किया गया है। परिवार ने देर रात ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवार का कहना है कि पुलिस ने रात में ही कार्रवाई की होती तो गौरव आज जिंदा होता।
इसके अलावा परिवारवालों और पड़ोसियों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा फॉरेंसिक टीम की देर से पहुंचने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि जिस जगह से शव बरामद किया गया था, वहां भी बैरीकेडिंग नहीं की गई थी। फॉरेंसिक टीम भी एक दिन बाद वहां से मिट्टी और ब्लड सैंपल लेने के लिए पहुंची। इस बीच बारिश और कई अन्य कारणों से घटनास्थल से कई सबूत भी मिट गए।