इस वक्त देशद्रोह का यह मामला अदालत में चल रहा है। करीब तीन साल बाद 2019 में इस केस में चार्जशीट फाइल की गई। इस मामले में देशद्रोह की धारा जोड़ी जाए या नहीं इसके लिए अदालत ने दिल्ली सरकार को विचार करने का समय दिया हुआ है।
इस घटना के बाद से ही उमर खालिद और कन्हैया कुमार व अन्य छात्र मोदी सरकार से सवाल करते रहे हैं। अब जब उमर की पीएचडी पूरी हो गई तो उनका ट्वीट पर मोदी सरकार पर कटाक्ष ही है।