एजेंसी ने याची के सवाल के जवाब में अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि उसने मोहित पांडेय व पांच अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए थे, जिन्होंने नजीब अहमद को झगड़े दौरान बचाया था। इसके अलावा 28 छात्रों व 25 सुरक्षा कर्मियों के बयान भी दर्ज किये थे, लेकिन नजीब का सुराग नहीं मिला था।
नजीब की तलाश के लिए 10 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। सीबीआई ने उन 18 लोगों के बयानों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया था, जिन्होंने घटना का चश्मदीद होने का दावा किया था। इन गवाहों की सूची याची के वकील ने कोर्ट में पेश कर कहा था कि इन लोगों ने जेएनयू प्रशासन को ज्ञापन देकर चश्मदीद होने के बात कही थी, लेकिन इन गवाहों के बयान सीबीआई ने दर्ज नहीं किये थे। इसके बाद कोर्ट ने इन गवाहों से छानबीन कर बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था।